Eros Times: गाज़ीपुर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय महुआबाग गाज़ीपुर में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ क्षेत्र प्रमुख के.डी गुप्ता, उप क्षेत्र प्रमुख सुनील कुमार तथा आशीष कुमार, मुख्य अतिथि नीरज राय, राजभाषा अधिकारी अधिकारी अनुराग कुमार सिंह आदि ने दीप प्रज्वलन कर किया। क्षेत्र प्रमुख के.डी गुप्ता ने कार्यशाला में आमंत्रित सभी अतिथियों तथा प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया गाजीपुर जनपद का अग्रणी बैंक है। हम न सिर्फ बैंकिंग क्षेत्र में बल्कि राजभाषा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं ऐसे में जब पूरे देश में राजभाषा को स्थापित, पुष्पित और पल्लवित करने का अभियान चल रहा है तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इसके समस्त कर्मचारियों की यह जिम्मेदारी है कि वह दिन प्रतिदिन के प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा का अधिकाधिक प्रयोग कर दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने जनपद की सभी शाखाओं से कार्यशाला में सम्मिलित होने आए कर्मचारियों को निदेशित किया कि आज की कार्यशाला में बधाई गई बातों को वह ध्यान से सुनें और वापस अपनी शाखाओं में जाकर इसका प्रयोग करें।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के उपरांत प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता नीरज राय वरिष्ठ व्याख्याता हिंदी केंद्रीय विद्यालय गाजीपुर ने सभी प्रतिभागियों को भारतीय संविधान में राजभाषा संबंधी नियमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के भाग 5, 6 और 17 में राजभाषा संबंधी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। भाग 17 के अनुच्छेद 343 से लेकर अनुच्छेद 351 तक राजभाषा की चर्चा की गई है। आगे उन्होंने राजभाषा अधिनियम 1963 तथा राजभाषा नियम 1976 की चर्चा पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण की सहायता से प्रभावी ढंग से की। प्रथम सत्र के उपरांत मुख्य वक्ता नीरज राय ने कार्यशाला मैं उपस्थित प्रतिभागियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का समाधान किया।भोजन उपरांत कार्यशाला के दूसरे सत्र में राजभाषा अधिकारी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अनुराग कुमार सिंह ने बैंकिंग क्षेत्र में राजभाषा के बढ़ते प्रयोग को रेखांकित करते हुए सभी का बताया की हमारा जनता से सीधा जुड़ाव होने के नाते तथा राजभाषा क्षेत्र क मैं होने के नाते यह उत्तरदायित्व बनता है कि हम राजभाषा का अधिक से अधिक प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त उन्होंने सभी प्रतिभागियों को विस्तार पूर्वक बताया कि किस तरह प्रशासनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता देते हुए अपने दैनिक जीवन के प्रयोग में इसका अधिकाधिक प्रयोग करना है। अनुराग कुमार सिंह ने यूनियन बैंक आफ इंडिया के विभिन्न प्रपत्रों और दस्तावेजों के प्रयोग में राजभाषा हिंदी के सुचारू प्रयोग के बारे में प्रतिभागियों को दिशा निर्देश दिया।






