Eros Times: नोएडा बीते 18 मई की शाम को अचानक भयावह आग लग जाने से 19 मई की रात तक और आगे भी सुलगता रहेगा नॉएडा सैकटर 31 और 33 के बीचोंबीच बना नॉएडा सैक्टर 32 डम्पिंग ग्राउंड। आग लगने का कारण तो पता नहीं चल पा रहा है लेकिन यह ज़रूर शासन प्रशासन को पता है कि घनी आबादी रिहायशी इलाके के बीचों बीच डंपिंग ग्राउंड क्यों बनाया गया है? और अगर बनाया गया है तो आग लग जाने की स्थिति को नज़र अंदाज़ करके यह निर्णय क्यों लिया गया, वैसे तो हर काम शुरू करने के लिए पोल्युषण सर्टिफिकेट अनिवार्य है तो इस जगह के लिए उचित प्रावधान पानी अग्निशामन उपकरण पुलिस चौकी आदि क्यों न मौजूद रखे गए थे 50 एकड़ के करीब इस क्षेत्र में।गौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश वैसे तो पूरे विश्व के आगे भारत का शो विण्डो कहलाया जाता है, अधिकांश भारत सरकार के वीआईपी हैलिकौपटर से गौत्म बुद्ध नगर भी आते हैं, एचरज है कि आधुनिक जिले में एक यह प्रावधान नहीं की जन सुरक्षा और वायु प्रदूषण के प्रति उचित कदम उठाते हुए अग्नीशमन गाड़ियों और पानी के टैंकरों के साथ साथ हैलिकोप्टर द्वारा जल वर्षा छिड़काव किया जाता सुलगती फैलती आग पर ताकि ज़मीन में गहरे जमे सुलगते कुड़े करकट को ज्यादा ऊँचाई से जल के प्रैशर से जल्द बुझा डालने की कोशिश की जाती अग्निशमन गाड़ियों के साथ साथl एक दिन के बाद अगली रात हो चुकी है किन्तु आग की लपटें उठती ही जा रही हैं, और गहरा धूँवें का गुब्बार अनेकों फीट ऊँचा लगातार है जिसमें आस पास का सब वातावरण ओझिल है और समीप रिहायशी और आम गुज़रती जनता बेहाल हैl

ग्रेटर नॉएडा एकोटेक प्रथम अग्निशमन अधिकारी जितेंद्र कुमार मौके पर अपनी निगरानी कर रहे थे जिन्होंने घटना के स्थान पर मौजूद ग्रेटर नॉएडा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता रचना वशिष्ठ को ब्यान दिया कि समूचे शासन प्रशासन को उपरोक्त घटना की जानकारी हैl उन्होंने बताया कि वे अपने सहयोगी एकोटेक 3 के अग्नीशमन अधिकारी कुमार सिंह, व नारायण सिंह अग्निशमन अधिकारी व मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौत्म बुद्ध नगर प्रदीप चौबे 18 मई की शाम से एकजुट है सुलगती आग पर काबू पाने के लिएl आग बुझाने के अन्य आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल का पूछे जाने पर अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि गौत्म बुद्ध नगर अभी आग बुझाने के आधुनिक तरीकों से लैस नहीं है और आग के अगले दिन तक भी सुलगते रहने के आसार हैं।






