नोएडा: हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सरबत दा भला (रजि.) के तत्वावधान में सिख धर्म के दशम गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व को समर्पित भव्य नगर कीर्तन का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। यह नगर कीर्तन गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन अगुवाई में तथा पंच प्यारे साहिबान के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा श्री गुरु हरकिशन साहिब जी, सेक्टर-12, नोएडा से हुई और यह गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, सेक्टर-18, नोएडा पर जाकर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जिन्होंने गुरु महाराज के प्रति आस्था और सम्मान प्रकट करते हुए पुष्पवर्षा की तथा जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
नगर कीर्तन के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लंगर सेवा की भव्य व्यवस्था की गई थी। इस सेवा में नोएडा पंजाबी समाज (पंजीकृत), गुरुद्वारा सेक्टर-37 एवं सेक्टर-50 की संगत के साथ-साथ अनेक अन्य श्रद्धालुओं ने भी सेवा भाव से स्टॉल लगाए। इन लंगर स्टॉलों पर श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सेवा की और बड़ी संख्या में लोगों ने गुरु का अटूट लंगर प्रसाद ग्रहण किया। लंगर सेवा के माध्यम से सरबत दा भला यानी सभी के कल्याण का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण दिल्ली और पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से आई गतका टीमों का प्रदर्शन रहा। इन टीमों ने सिखों की प्राचीन युद्ध कला और शस्त्र विद्या का प्रदर्शन करते हुए तलवार, भाला, चक्र आदि पारंपरिक हथियारों के माध्यम से साहस, अनुशासन और आत्मरक्षा का संदेश दिया। गतका प्रदर्शन ने विशेष रूप से युवाओं को सिख इतिहास और वीरता से जोड़ने का कार्य किया।
नगर कीर्तन के दौरान महिलाओं और पुरुषों द्वारा मधुर कीर्तन का गायन किया जा रहा था। संगत गुरु शब्द के साथ भक्ति भाव में लीन होकर कदम से कदम मिलाते हुए चलती रही। कीर्तन की दिव्य ध्वनि से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और श्रद्धालु गुरु महाराज की शिक्षाओं को आत्मसात करते दिखाई दिए।
इस पावन अवसर पर समाज के कई प्रमुख सदस्य और सेवाभावी व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें श्री भूपेन्द्र सिंह, परमजीत सिंह, रणधीर सिंह, मनिंदर सिंह, हरमीत सिंह, सरबजीत सिंह सहित अनेक अन्य सदस्य शामिल थे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया और संगत की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने नगर प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा शासन के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से नगर कीर्तन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से संपन्न हो सका। आयोजकों ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन से हमें साहस, त्याग, समानता और मानवता की सेवा की प्रेरणा मिलती है, और ऐसे आयोजन समाज को एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं।
नगर कीर्तन का यह आयोजन श्रद्धा, सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण बनकर श्रद्धालुओं के मन में एक अविस्मरणीय छाप छोड़ गया।






