फ्रांस की ‘आईरिस मितेनेयर’ को मिस यूनिवर्स चुना गया है। आईरिस मितेनेयर दन्त रोग विशेषज्ञ बनने की चाहत रखती है प्रतियोगिता के 65वें संस्करण में मिस ‘आईरिस मितेनेयर’ नें सोमवार को दुनिया भर से आईं 85 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ा और इस उपलब्धि को हासिल किया। एक दशक से भी ज्यादा समय बाद किसी यूरोपीय सुदरी नें यह ख़िताब जीता है। ‘रोशमिता हरिमूर्ति’ जो भारत की रहने वाली हैं, अंतिम 13 में भी अपना स्थान नहीं बना सकी थीं। पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन निर्णायकों में से एक थीं । तीसरी बार, इस प्रतियोगिता का आयोजन फिलीपींस में किया गया था। मिस यूनिवर्स चुने जाने के बाद आईरिस नें कहा, “मैं हैरान हूँ और खुद को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रही हूँ। मेरा सपना भी था कि मैं मिस यूनिवर्स बनूँ, और हर लड़की मिस यूनिवर्स बनना चाहती है। मैं लोगो के बीच में रहना चाहती हूँ, लोगो की मदद करना चाहती हूँ । उन्होंने बच्चों और महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की भी बात कही। हैती की राकुल पेलिससिर फर्स्ट और कोलंबिया की आंद्रिया टोवर सेकंड रनर-अप रहीं।
मिस यूनिवर्स की प्रतियोगिता में शामिल हुई भारत की रश्मिता हरिमूर्ति
प्रतियोगिता में पहले चरण के लिए पिछले सप्ताह 13 प्रतिभागियों का चयन किया गया था । ‘इवनिंग गाउन सेगमेंट’ में यह संख्या 9 तक पहुँच गयी थी। आखिर में सिर्फ 6 प्रतिस्पर्धी ही मैदान में शेष मात्र रह गए थे। स्टीव हार्वी ने मेजबान के तौर पे 1 साल बाद वापसी की ।
वही भारत की तरफ से प्रतिभागी थी ‘ रश्मिता हरिमूर्ति’ जिन्होंने इंडिया का प्रतिनीधित्व किया। ‘ रश्मिता हरिमूर्ति’ यामहा ‘फैसिनो मिस दिवा’ 2016 के खिताब से भी नवाजी जा चुकी हैं। रश्मिता को यहां आयोजित एक रंगारंग कार्यक्रम में सौंदर्य प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया था । लेकिन वही मिस यूनिवर्स खिताब के लिए वो अंतिम 13 में क्वालिफाइड नहीं कर पाई।







