शिक्षा मंत्री आतिशी ने किया यूके में टोलगेट प्राइमरी स्कूल का दौरा,दिल्ली के एमसीडी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए अनूठे तरीक़ों को जाना
टोलगेट प्राइमरी स्कूल के मॉडल से सीखकर हम एमसीडी स्कूलों में एक समावेशी और प्रगतिशील शिक्षा प्रणाली करेंगे शुरुआत
केजरीवाल सरकार एमसीडी स्कूलों में विश्वस्तरीय शिक्षा मॉडल अपनाकर हर छात्र को देगी शानदार शिक्षा, वो दिन दूर नहीं जब नर्सरी एडमिशन के लिए एमसीडी स्कूलों के बाहर लगेंगी लंबी क़तारें
टोलगेट प्राइमरी स्कूल शिक्षा के पारंपरिक मॉडल के विपरीत बच्चों को ग्रुप में काम करने और समाज से सीखने की आज़ादी देता है
Eros Times: वर्ल्ड क्लास कम्युनिटी बेस्ड एजुकेशन मॉडल के साथ अब एमसीडी के स्कूलों में भी आएगी शिक्षा क्रांति,हर छात्र छात्र सशक्त बनेगा लंदन स्थित टोलगेट प्राइमरी स्कूल एक विश्व प्रसिद्ध कम्युनिटी बेस्ड स्कूल, जहां निम्न-आय वर्ग और विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बच्चों को मिलती है क्वालिटी एजुकेशन शिक्षा मंत्री आतिशी के साथ दिल्ली के शिक्षा सचिव और एमसीडी के शिक्षा निदेशक के साथ-साथ एससीईआरटी, दिल्ली के एक सीनियर फैकल्टी भी विजिट पर रहे मौजूद ब्रिटेन की अपनी यात्रा के दूसरे दिन शिक्षा मंत्री आतिशी ने लंदन के टोलगेट प्राइमरी स्कूल का दौरा किया। टोलगेट प्राइमरी स्कूल, लंदन में कम आय वाले समूहों और विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने वाला एक कम्युनिटी आधारित स्कूलहै, जो उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है। शिक्षा मंत्री आतिशी का इस स्कूल के दौरे का उद्देश्य दिल्ली में एमसीडी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के मक़सद से टोलगेट प्राइमरी स्कूल के सफल शिक्षा मॉडल से को जानना और उससे समझना था ।
अपनी विजिट के दौरान, मंत्री आतिशी टोलगेट प्राइमरी स्कूल के अनूठे मॉडल से बेहद प्रभावित हुईं। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा, “स्कूल कक्षा के पारंपरिक ‘ब्लैकबोर्ड-फेस’ मॉडल को चुनौती देता है, और ग्रुप बेस्ड लर्निंग, कम्युनिटी एजुकेशन को बढ़ावा देता है, जिससे बच्चों को बातचीत करने और स्वतंत्रता के साथ सीखने की मौक़ा मिलती है। टोलगेट पर क्लासरूम लर्निंग का सबसे आकर्षक पहलू राउंडटेबल्स का उपयोग है, जहां छात्र एक समूह में एक साथ बैठते हैं और सीखते हैं।
बता दें कि टोलगेट स्कूल का पूरा वातावरण छात्रों के सीखने में शामिल होता है। यहाँ छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हुए स्कूल की दीवारों पर उनकी कलाकृति और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है। साथ ही टोलगेट के शिक्षकों द्वारा बच्चों में इनोवेटिव तरीक़े से प्रैक्टिकल नॉलेज देते हुए बुनियादी कौशल विकसित किया जाता है।
विजिट के दौरान अपने विचार साझा करते हुए, शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा, “टोलगेट प्राइमरी स्कूल के अनूठे मॉडल से सीखकर हमें अपने एमसीडी स्कूलों को नया रूप देने और हमारे छात्रों के लिए अनुकूल सीखने का माहौल बनाने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार के स्कूलों की सफलता के बाद, हमारा फोकस अब एमसीडी स्कूलों को वर्ल्ड क्लास बनाने पर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के एमसीडी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए हम विश्व के टॉप संस्थानों से सीख रहे है। और अब वो दिन दूर नहीं जब नर्सरी एडमिशन के लिए प्राइवेट स्कूलों के बजाय एमसीडी के स्कूलों के बाहर लंबी क़तारें लगेंगी।
विजिट के दौरान शिक्षा मंत्री आतिशी द्वारा किए गए महत्वपूर्ण अवलोकनों में से एक टॉलगेट स्कूल का कम्युनिटी आधारित शिक्षण मॉडल था। जहां स्कूल बहुत कम उम्र से ही छात्रों के बीच सामाजिक चेतनाओं को बढ़ाता है। साथ ही स्कूल बच्चों में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए, उनमें रचनात्मकता और क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देने के लिए आर्ट बेस्ड करिकुलम को अपनाता है। साथ ही टोलगेट स्कूल यह सुनिश्चित करता है कि विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को उनकी हर आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक सपोर्ट प्राप्त हो।
शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि, “हम एमसीडी स्कूलों के शिक्षा परिदृश्य को बदलने, अपने छात्रों को सशक्त बनाने और उन्हें विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में टोलगेट प्राइमरी स्कूल से मिले इनसाइट काफ़ी महत्वपूर्ण साबित होंगे। और हम इससे सीखकर अपने एमसीडी स्कूलों में एक समावेशी और प्रगतिशील शिक्षा प्रणाली तैयार करेंगे।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री का टोलगेट प्राथमिक विद्यालय का दौरा एमसीडी के स्कूलों में बदलाव लाने के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण साबित होगा। तथा एमसीडी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे को क्वालिटी एजुकेशन देने और सीखने के समान अवसर उपलब्ध करवाने का मॉडल तैयार करने में सहायक होगा।
बता दें कि शिक्षा मंत्री आतिशी के साथ इस दौरे पर दिल्ली के शिक्षा सचिव अशोक कुमार, एमसीडी के शिक्षा निदेशक विकास त्रिपाठी व एससीईआरटी के वरिष्ठ फैकल्टी भी शामिल है।






