नोएडा। रामदास अठावले के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) (आरपीआई-ए) ने उत्तर भारत में अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने युवा नेता महेंद्र तिवारी को उत्तर भारत का युवा अध्यक्ष नियुक्त किया है।
इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद महेंद्र तिवारी ने नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अपने विज़न और आगामी रणनीतियों को साझा किया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले भी मौजूद रहे, जिन्होंने तिवारी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया।
प्रेस वार्ता के दौरान रामदास अठावले ने महेंद्र तिवारी को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। अठावले ने कहा कि महेंद्र तिवारी एक ऊर्जावान, समर्पित और जुझारू युवा नेता हैं, जो संगठन को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में उत्तर भारत में पार्टी का जनाधार तेजी से बढ़ेगा और युवाओं को बड़ी संख्या में पार्टी से जोड़ा जा सकेगा।

अठावले ने आगे कहा कि आरपीआई (ए) का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूत करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि महेंद्र तिवारी इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएंगे और सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती देंगे।
वहीं, महेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी द्वारा उन्हें दी गई जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि वे उत्तर भारत के हर राज्य, जिले और गांव तक संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
उन्होंने बताया कि संगठन विस्तार के तहत जल्द ही नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा और बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय किया जाएगा। साथ ही, युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

तिवारी ने यह भी कहा कि उनका फोकस सिर्फ राजनीतिक विस्तार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों—जैसे शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समानता और अधिकारों—पर भी पार्टी सक्रिय रूप से काम करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी युवाओं की आवाज को मंच प्रदान करेगी और उन्हें नेतृत्व के अवसर देगी।
रामदास अठावले ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महेंद्र तिवारी के नेतृत्व में उत्तर भारत में संगठन गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मजबूत संगठन और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से आरपीआई (ए) आने वाले समय में उत्तर भारत की राजनीति में एक मजबूत ताकत बनकर उभरेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति आरपीआई (ए) के लिए उत्तर भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। खासतौर पर युवाओं और सामाजिक न्याय के मुद्दों को केंद्र में रखकर पार्टी अपनी पहचान को और व्यापक बनाने की कोशिश कर रही है।
कुल मिलाकर, महेंद्र तिवारी की नियुक्ति न केवल पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि यह उत्तर भारत की राजनीति में एक नए युवा नेतृत्व के उदय का संकेत भी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि तिवारी अपने नेतृत्व से पार्टी को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।





