लोकमंच निशुल्क दवा बैंक को फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन का सहयोग, जरूरतमंदों को मिली राहत
नोएडा। समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लोकमंच द्वारा संचालित निशुल्क दवा बैंक को एक और महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। सेक्टर-70 स्थित फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन ने लोकमंच के दवा बैंक के लिए बड़ी संख्या में उपयोगी दवाएं भेंट कीं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त और समय पर इलाज मिल सकेगा।
इस अवसर पर लोकमंच के संचालक महेश सक्सेना ने फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन का सौहार्दपूर्ण दौरा किया और वहां उपचार व पुनर्वास प्राप्त कर रहे बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया और फाउंडेशन के चिकित्सकों एवं स्टाफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
बच्चों से संवाद, सेवाभाव की झलक
दौरे के दौरान महेश सक्सेना ने फाउंडेशन में मौजूद बच्चों से बातचीत की, उनकी प्रगति की जानकारी ली और उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरित किया। फाउंडेशन के स्टाफ ने अतिथि को पुनर्वास केंद्र की कार्यप्रणाली, उपचार पद्धति और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।
फाउंडेशन की टीम ने बताया कि यहां बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
निशुल्क दवा बैंक के लिए दवाओं का योगदान
इस अवसर पर फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की ओर से लोकमंच द्वारा संचालित निशुल्क दवा बैंक के लिए आवश्यक और उपयोगी दवाएं भेंट की गईं। इन दवाओं का वितरण लोकमंच के माध्यम से उन जरूरतमंद लोगों तक किया जाएगा, जो महंगे इलाज और दवाओं का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
यह दवा बैंक पहले से ही नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में हजारों लोगों के लिए राहत का केंद्र बन चुका है, जहां डॉक्टर की पर्ची के आधार पर अच्छी और उपयोगी दवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस कार्यक्रम में फाउंडेशन की निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव एवं डॉ. महिपाल सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी, प्रशासन प्रमुख कृष्णा यादव तथा फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह ने अतिथि को फाउंडेशन की गतिविधियों से अवगत कराया।
इसके अतिरिक्त विशेष शिक्षिका इलिका रावत, सेंटर मैनेजर सुरभि जैन एवं सोशल मीडिया मैनेजर सौम्या सोनी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में अहम कदम
फाउंडेशन की टीम ने इस सहयोग को सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज के उन वर्गों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकती है, जो अक्सर इलाज के अभाव में पीड़ा सहने को मजबूर होते हैं।
वहीं लोकमंच के संचालक महेश सक्सेना ने फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के सेवा कार्यों की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी हरसंभव सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।
“घर की दवाएं कूड़े में न जाएं, किसी गरीब की जिंदगी बचाएं” – डॉ. महिपाल सिंह
फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के संचालक डॉ. महिपाल सिंह ने आम लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा कि
“अक्सर हमारे घरों में इलाज के बाद बहुत-सी दवाइयां बच जाती हैं, जिन्हें हम अनजाने में कूड़े में फेंक देते हैं। वहीं दूसरी ओर कोई गरीब व्यक्ति केवल दवाइयों के खर्च के कारण अपना इलाज नहीं करवा पाता।”
उन्होंने कहा कि यदि घर में पड़ी अतिरिक्त, उपयोग योग्य दवाएं लोकमंच के निशुल्क दवा बैंक तक पहुंचा दी जाएं, तो वे किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में सहायक बन सकती हैं।
“लोकमंच की यह पहल इसलिए शुरू की गई थी कि कोई भी व्यक्ति केवल पैसों के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। आज हजारों लोग इस दवा बैंक से लाभान्वित हो रहे हैं।”
आप भी बन सकते हैं इस पुण्य कार्य का हिस्सा
लोकमंच और फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों में पड़ी अतिरिक्त, एक्सपायरी से सुरक्षित और उपयोग योग्य दवाएं लोकमंच निशुल्क दवा बैंक को दान करें। यह एक छोटा-सा कदम किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी राहत बन सकता है।






