ब्रह्मांड की संस्कृति के मूल में हैं रघुवंशी श्री राम- जगतगुरु रामभद्राचार्य
Eros Times: नोएडा श्री रामराज फाउंडेशन और हनुमान सेवा न्यास की ओर से नोएडा स्टेडियम में 27 जुलाई से 04 अगस्त तक श्री राम कथा के आयोजन में श्री राम की मर्यादा का बखान जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा प्रारंभ हुआ। तय समयानुसार 4 बजे मंच पर जगतगुरु रामभद्राचार्य जी का सिंहासन और पवित्र रामायण ग्रंथ को स्थापित किया गया नमों राघवाय और जय श्री राम के उद्बोधन के साथ कार्यक्रम के संचालको ने श्रद्धालुओं से भी जय श्री राम का उद्घघोषण करवाया।
जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी के आगमन पर विधि विधान से पूजा अर्चना कर के प्रथम अध्याय की कथा प्रारंभ की गई।

श्री रामकथा के दौरान गुरु जी ने कश्मीर पर धारा 370 के हटने , राममंदिर के निर्माण और ट्रिपल तलाक़ के हटने का उल्लेख करते हुए कहा की यह हमारा संकल्प था और आज हर्ष है ये तीनों असंभव से कार्य सफल हो चुके हैं। श्री रामकथा के दौरान गुरु जी ने रघुकुल के वंश का परिचय देते हुए कहा की रघुवंशी चार विधाओं का बहुत सम्मान करते हैं एक ब्राह्मण, एक राष्ट्र, एक गौमाता और एक ईश्वर का। उन्होंने कहा कि राम जैसा व्यक्तित्व न कभी आया न आएगा. ब्रह्मांड की संस्कृति के मूल में श्री राम ही है।
कथा के प्रथम दिन धीरे धीरे पंडाल भर गया और कथा से सुनने वालों की संख्या का अनुमान लगभग हज़ार है। सभी व्यवस्थाओं जैसे जल पार्किंग, बैठक इत्यादि का विशेष ध्यान रखा गया।






