EROS TIMES: गाजीपुर जमानियां के ग्रामसभा हमीदपुर में अधिकारियों व ग्राम प्रधान की मिलीभगत से किया गया भ्रष्टाचार सामुदायिक शौचालय हमीदपुर का जीवन्त उदाहरण है, जो महज कुछ वर्षों में ही जर्जर हो गया और भ्रष्टाचार की लाईन में लटकी तस्वीरों में पर्यटन का केंद्र बना हुआ है। वही ग्राम सभा के लोगो का कहना है कि जिस तरीके से सामुदायिक शौचालय का निर्माण हुआ है वह उचित नहीं है।

सामाजिक लोक लाज को देखते हुए शौचालय की इन 3सीटों में कहीं भी किसी प्रकार का पर्दा नहीं है तो आप ही बताइए कि आखिरकार किस तरीके से लोग इसका उपयोग करेंगे वही यह भी देखा जा सकता अधिकारि व वहा पर नियुक्त सफाई कर्मी सचिव और ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही भ्रष्टाचार का गवाह बनकर दिख रहा है। स्वच्छ भारत अभियान मिशन की जमीनी हकीकत पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। सामुदायिक शौचालय के बाहर गंदगी का अंबार लगा है खुला नाला बीमारियों को दावत दे रहा है। शौचालय के चारों ओर खुली बजबजाती नालियाँ मच्छरों की शरणस्थली बनी हुई है।

मच्छरों की बढ़ती तादात गावो में भीड़ बढ़ाने का काम कर रही है, लेकिन सम्वेदनाहीन हो चुका ग्राम पंचायत प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं है वही ग्राम वासियों का यह भी कहना हैकि कई बार पंचायत भवन में चोरी भी हो चुकी है और सामुदायिक शौचालय की हर चीजो को भी चोर चुरा कर लेजाते हैं। आश्चर्य तो इस बात की है कि बात होती है योगीराज की लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई भी असर पड़ता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है इस तरह के अधिकारियों के लिए बना नजरबंद शौचालय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।






