42 ईवी चार्जिंग स्टेशन का किया उद्घाटन,दिल्ली में ईलेक्ट्रिक वाहन चलाना देशभर में सबसे सस्ता

दिल्ली में पेट्रोल स्कूटर पर 1.75 रुपए प्रति किमी, तो ईवी स्कूटर पर सिर्फ 7 पैसे और पेट्रोल कार पर 7 रुपए तो ईवी कार पर 36 पैसे प्रति किमी खर्च आता है

दिल्ली में अब 53 लोकेशन पर ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, जहां 4,646 चार्जिंग पॉइंट और 250 बैट्री स्वैपिंग स्टेशन हैं

दिल्ली की ईवी पॉलिसी देश में सबसे बेहतर, नीति आयोग ने भी तारीफ कर कहा है कि बाकी राज्यों को भी दिल्ली से सीखना चाहिए

आने वाला वक्त अब इलेक्ट्रिक वाहनों का ही है, दिल्ली इस दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है

Eros Times: 2020 में ईवी पॉलिसी लाकर हमने 25 फीसद ईवी खरीदने का लक्ष्य रखा था, दिल्ली में 13 फीसद ईवी खरीदे जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 6 फीसद ही है सब्सिडी, चार्जिंग स्टेशन, चार्जिंग शुल्क और दिल्लीवासियों के सहयोग ने दिल्ली ईवी पॉलिसी को सफल बनाया अब दिल्ली की ईवी पॉलिसी अमेरिका और यूरोप के बराबर पहुंच गई है और नीति आयोग ने भी इसकी तारीफ की है अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में प्रदूषण को कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 42 और ईवी चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया। दिल्ली में अब 53 लोकेशन पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो गए हैं, जहां 4,646 चार्जिंग पॉइंट और 250 बैट्री स्वैपिंग स्टेशन हैं। अरविंद केजरीवाल ने नाम पट्टिका अनावरण कर चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण किया और अफसरों से इसकी कार्य प्रणाली को भी समझा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन चलाना देशभर में सबसे सस्ता है। देशभर के एक तिहाई चार्जिंग स्टेशन दिल्ली में हैं और आधे से ज्यादा ईवी वाहन दिल्ली में चल रहे हैं। दिल्ली की ईवी पॉलिसी देश में सबसे बेहतरीन पॉलिसी है। इसकी नीति आयोग ने भी तारीफ करते हुए कहा है कि बाकी राज्यों को भी दिल्ली से सीखना चाहिए। इस अवसर पर विद्युत मंत्री आतिशी के अलावा, विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आप” की सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए जो भी कदम उठाए हैं, अब उसका फल मिलने लगा है

जीटीवी नगर मेट्रो स्टेशन पर आयोजित ईवी चार्जिंग स्टेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए  अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज दिल्ली में 42 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन चालू किए गए। कुछ महीने पहले दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) की तरफ से 11 स्टेशन शुरू किए गए थे। अब दिल्ली में कुल 53 ईवी चार्जिंग स्टेशन चालू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। दिल्ली में प्रदूषण को लेकर काफी समस्या रहती है। जबसे हमारी सरकार आई है, तब से लेकर अब तक दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी कई क्षेत्रों में काफी विकास हुआ है। मगर प्रदूषण एक ऐसा क्षेत्र था, जिसका समाधान करना मुश्किल था, क्योंकि हवा में प्रदूषण काफी अधिक था। लोग कहते थे कि सीएम इसका समाधान कीजिए। आज यह बताते हुए मुझे खुशी हो रही है कि प्रदूषण को कम करने के लिए “आप” की सरकार ने दिल्ली के 2 करोड़ लोगों के साथ मिलकर जितने भी कदम उठाए हैं, अब उसका फल मिलने लगा है। इस बात को खुद प्रदूषण के आंकड़े साबित करते हैं। 2014 के मुकाबले दिल्ली के अंदर हवा का प्रदूषण का स्तर पीएम 10 और पीएम 2.5 अब 30 फीसद कम हुआ है। पहले दिल्ली में सालभर में ऐसे दिन अधिक होते थे, जब प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा होता था और प्रदूषण खतरनाक श्रेणी में चला जाता था। मगर अब ऐसे दिनों की संख्या कम हो गई है और अब गिने-चुने दिन ही ऐसी स्थिति होती है। अमूमन पूरे साल ही दिल्ली की हवा की स्थिति अच्छी रहने लगी है। 

ईवी को बढ़ावा देने से दिल्ली में प्रदूषण को कम करने में मदद मिल रही

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए हमने कई कदम उठाए और इसी दिशा में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देना का सिलसिला भी शुरू हुआ। ईवी को बढ़ावा देने के पीछे दो कारण हैं। पहला- इससे प्रदूषण कम किया जा सकता है और दूसरा- हमारा आने वाला भविष्य पेट्रोल, डीजल और सीएनसी वाहनों का नहीं है, बल्कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक व्हीकल का है। हमने अगस्त 2020 में दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी बनाई और उस समय हमने यह लक्ष्य रखा था कि 2025 तक दिल्ली में जितने भी नए वाहन खरीदे जाते हैं, उसमें से कम से कम 25 फीसद वाहन इलेक्ट्रिक व्हीकल होने चाहिए। आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समय दिल्ली में जितने भी वाहन खरीदे जा रहे हैं, उसमें से 13 फीसद इलेक्ट्रिक वाहन हैं। जबकि पूरे देश में जितने वाहन खरीदे जाते हैं, उसमें से केवल 6 फीसद वाहन ही इलेक्ट्रिक के होते हैं। दिल्ली में अगस्त 2020 से लेकर अबतक 1.28 लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदे जा चुके हैं। 

देश के बाकी राज्यों की तुलना में दिल्ली में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जा रहे हैं

  अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज दिल्ली के दो करोड़ लोगों ने ‘‘आप’’ की सरकार के साथ मिलकर जो सफलता हासिल की है, उसकी वजह से अब दिल्ली को देश की ईवी राजधानी माना जाने लगा है। आज देश के बाकी राज्यों की तुलना में दिल्ली में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जा रहे हैं। यहां तक कि नीति आयोग ने भी इस बात को स्वीकारा है कि दिल्ली की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी देश की सबसे अच्छी पॉलिसी है और बाकी राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए। अब देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े-बड़े शहर कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क के अंदर जो इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी है, उससे दिल्ली की तुलना की जा रही है।

  अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली ईवी पॉलिसी की सफलता की बताई चार बडी वजह

1- सब्सिडी

  अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल बाकी वाहनों के मुकाबले थोड़े ज्यादा महंगे होते हैं। मगर ईवी पॉलिसी के तहत दिल्ली सरकार ने इनकी खरीद पर खरीदारों को सब्सिडी प्रदान करती है, जिसकी वजह से दिल्ली में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री बढ़ी है।

2- चार्जिंग स्टेशन

सीएम ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए सबसे जरूरी चीज चार्जिंग स्टेशन है। इसके बिना यह वाहन नहीं चल सकते हैं। हमने दिल्ली में जगह-जगह चार्जिंग स्टेशन बनाए हैं, ताकि लोगों को परेशानी न हो। जो भी व्यक्ति इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदता है, उसकी सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि वो अपने वाहन को चार्ज कहां करेगा? अगर कोई व्यक्ति घर से निकला और कुछ किलोमीटर चलने के बाद उसका इलेक्ट्रिक वाहन डिस्चार्ज हो गया तो वो उसे कहां चार्ज करेगा? इसलिए जब तक चार्जिंग स्टेशन का पर्याप्त नेटवर्क नहीं बनेगा, तब तक कोई भी इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी सफल नहीं हो सकती है। ऐसे में दिल्ली के अंदर जितनी तेजी के साथ नए-नए चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं, उसने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को आगे बढ़ाने में काफी मदद की है। 

3-इलेक्ट्रिक व्हीकल का खर्च

सीएम ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल का खर्चा एक महत्वपूर्ण विषय है। आज इलेक्ट्रिक व्हीकल चलाने में 7 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्चा आता है। अगर आज कोई व्यक्ति इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाता है तो उसे 7 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च आता है, वहीं पेट्रोल से स्कूटर चलाने में 1.75 रुपए खर्चा आता है। वहीं थ्री व्हीलर की बात की जाए तो सीएनसी वाले थ्री व्हीलर पर लगभग 2.60 रुपए प्रति किलोमीटर खर्च होते हैं और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर से 9 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। ऐसे ही पेट्रोल कार में 7 रुपए प्रति किलोमीटर खर्च होते हैं, जबकि इलेक्ट्रिक कार में 36 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। एक तरह से इलेक्ट्रिक व्हीकल वाहन चलान फ्री में वाहन चलाने के बराबर है। 

4-दिल्लीवालों ने बनाया जन आंदोलन

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को सफल बनाने में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान दिल्ली के लोगों का रहा है। लोगों ने दोनों हाथों से इसे अपनाया है और इसे एक तरीके से जन आंदोलन बना दिया है। अब जितने भी लोग नए वाहन खरीदने जाते हैं, उनमें से ज्यादातर लोग अब इलेक्ट्रिक व्हीकल को ही पसंद करते हैं। 

दिल्ली में ईवी पॉलिसी को सफल बनाने में आरडब्लूए, प्राइवेट कंपनियों, डीटीएल और सरकार समेत सबने हिस्सा लिया है

  अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को देश की सबसे बेहतरीन पॉलिसी होने के प्रमुख कारणों को बताते हुए कहा कि दिल्ली में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए चार्जिंग स्टेशन बने हैं। आज पूरे देश में जितने भी चार्जिंग स्टेशन हैं, उसके एक तिहाई चार्जिंग स्टेशन केवल दिल्ली में हैं। दिल्ली में 4,646 चार्जिंग पॉइंट बने हैं और 250 बैट्री स्वैपिंग स्टेशन हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को सफल बनाने की दिशा में काम करते हुए दिल्ली की आरडब्लूए, प्राइवेट कंपनियों, डीटीएल और सरकार समेत सभी ने बराबर हिस्सा लिया है। इन सभी ने अपने स्तर पर चार्जिंग पॉइट्स बना रखे हैं। यहां तक कि कई सारे व्यवसायियों ने अपने चार्जिंग स्टेशन बनाए हुए हैं। आज दिल्ली में परिवहन विभाग, ऊर्जा विभाग और दिल्ली डायलॉग कमीशन ने मिलकर जो पीपीपी मॉडल तैयार किया है, यह अपने आप में एक बहुत बेहतरीन मॉडल है।

दिल्ली ईवी पॉलिसी दुनिया की सबसे सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी है

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पूरे देश में जितने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजली खपत करते हैं उसकी 55 फीसद बिजली दिल्ली के अंदर खर्च होती है। यानी पूरे देश में जितनी भी इलेक्ट्रिक बसें, गाड़ियां और स्कूटर आदि चल रहे हैं और वो जितनी बिजली की खपत कर रहे हैं, उसकी 55 फीसद बिजली दिल्ली में ही खर्च हो रही है। इसका मतलब ये है कि पूरे देश के आधे से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल दिल्ली के अंदर चल रहे हैं। दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सबसे सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी है।

दिल्ली में 24 घंटे फ्री बिजली आती है, जबकि यूपी-हरियाणा में पावर कट लग रहे हैं

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक-एक कर दिल्ली का हर क्षेत्र के अंदर नाम हो रहा है। पहले दिल्ली में अच्छे-अच्छे स्कूल बने और शिक्षा के क्षेत्र में हमारा नाम हुआ। फिर मोहल्ला क्लीनिक बने और स्वास्थ्य में नाम हुआ। इसके बाद दिल्ली में लोगों को 24 घंटे मुफ्त बिजली मिलनी शुरू हुई और यहां भी दिल्ली का नाम हुआ। जबकि दिल्ली के सटे राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा में चले जाएं तो नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों में पावर कट हो रहे हैं, मगर दिल्ली में ऐसी स्थिति नहीं है। दिल्ली में जनता को 24 घंटे मुफ्त बिजली दी जाती है।

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली के ईवी चार्जिंग स्टेशन के नेटवर्क में आज 42 स्टेशन और जोड़े गए। देशभर के एक तिहाई चार्जिंग स्टेशन सिर्फ़ दिल्ली में ही हैं। देशभर के आधे से ज़्यादा ईवी वाहन दिल्ली में चल रहे हैं। दिल्ली की ईवी पॉलिसी देश की सबसे बेहतर पॉलिसी है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन चलाना देशभर में सबसे सस्ता है।

दिल्ली को अब देश की इलेक्ट्रिक व्हीकल कैपिटल कहा जाता है

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले लोग अक्सर प्रदूषण से परेशान रहते है। खासकर साल के कुछ महीने ऐसे आते हैं, जब प्रदूषण बढ़ जाता है और पूरे देश में यह चर्चा का विषय बन जाता है कि दिल्ली का प्रदूषण स्तर बढ़ गया। इसको ध्यान में रखते हुए कई साल से दिल्ली सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। दिल्ली के बाहर से आने वाले प्रदूषण पर तो सरकार कुछ नहीं कर सकती लेकिन दिल्ली के अन्दर के प्रदूषण को कम करने के लिए पिछले 8 साल में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार प्रयासरत है। इन प्रयासों में से एक बहुत महत्वपूर्ण प्रयास दिल्ली की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जबसे इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी आई है। उसके बाद से दिल्ली को देश का ईवी कैपिटल कहा जाने लगा है। आज पूरे देश में कुल बिकने वाले वाहनों में से इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद 7 से 8 फीसद है, तो दिल्ली में 12 से 14 फीसद है, जो देश भर से दुगनी है।

ऊर्जा मंत्री आतिशी ने कहा कि नीति आयोग ने भी दिल्ली सरकार की तारीफ़ की है और दिल्ली सरकार की इस पॉलिसी को बेस्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी कहा है। आज जिन 42 चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत कर रहे है उसकी सबसे खास बात यह है कि जिस रेट पर आप यहां पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज कर सकते है, यह न सिर्फ देश में, बल्कि दुनिया भर में सबसे सस्ता है। अगर कोई भी नागरिक अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल को चार्ज करेंगे तो वो 7 पैसे प्रति किलोमीटर पर अपना 2 व्हीलर चला सकते है। सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्रगतिशील तरीके से शुरूआत की है। इस पॉलिसी की लगातार निगरानी होती है और इसी की वजह से आज हम इतनी उपलब्धियों को हासिल कर सके हैं।

प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने लांच की ईवी पॉलिसी

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति अगस्त 2020 में अधिसूचित की थी, जो कि शहर की हवा की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार लाने के लिए किए गए कई अन्य उपायों में से एक थी। वाहन प्रदूषण से लड़ाई लड़ने के लिए महत्वाकांक्षी ईवी नीति की शुरुआत की गई थी। दिल्ली के वायु प्रदूषण में 30 फीसदी का योगदान है। इस नीति का उद्देश्य 2024 तक नए वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक करना है। इस नीति के जरिए विशेष रूप से दो पहिया, तीन पहिया और सार्वजनिक इस्तेमाल के वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया। वर्तमान में दिल्ली में नए वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री मासिक रूप से लगभग 12-13 फीसदी है, जबकि यह राष्ट्रीय स्तर पर केवल 6 फीसदी है। दिल्ली की सफलता ये साबित करती है कि सरकार यदि लोगों की सेवा करने के लक्ष्य को लेकर काम करती है तो सब कुछ हासिल किया जा सकता है।

दिल्ली ने अपने परिवहन क्षेत्र को इलेक्ट्रिक करने में तेजी से प्रगति की है। भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक मॉडल के रूप में उभरी है। इसके इतना ही नहीं, नीति आयोग ने दिल्ली ईवी नीति को एक राष्ट्रीय उदाहरण के रूप में माना है।

पॉलिसी लागू होने के बाद से अब तक 1.28 लाख ईवी वाहन हुए पंजीकृत

दिल्ली में ईवी को लागू करने की दृष्टि से कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे विश्व के सबसे प्रगतिशील राज्यों और शहरों के बराबर है। दिल्ली में 2020 अगस्त से नीति को लागू किए जाने के बाद से लेकर अब तक  लगभग 1,28,000 ईवी वाहन पंजीकृत हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक तीन पहिया गुड्स कैरियर वाहनों की बिक्री कुल वाहनों के मुकाबले 66 फीसदी से अधिक है। साथ ही दिल्ली में 2022 में पंजीकृत टैक्सी का लगभग 50 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन थे। इसके अलावा 9 फीसदी दो पहिया और 17 फीसदी ऑटो रिक्शा वाहनों की बिक्री रही है। दिल्ली में अभी 300 ई-बसें हैं और 2025 तक 8 हजार से अधिक ई-बसों को सड़कों पर उतारने का लक्ष्य है। शहर में ग्रीन नंबर प्लेट की गाड़ियों को बड़ी संख्या में चलते हुए देख सकते हैं और इतने दिल्लीवाले शून्य उत्सर्जन, शोरहीन वाहनों का उपयोग कर रहे हैं।

दिल्ली की ईवी सफलता का मुख्य कारण सब्सिडी के अलावा बड़े स्तर पर चार्जिंग स्टेशन बनना है। दिल्ली में पहले से ही 4600 सार्वजनिक चार्जिंग प्वाइंट्स और 250 स्वैपिंग स्थान हैं, जो कि देश में सबसे अधिक है। ये चार्जिंग प्वाइंट्स देश में कुल चार्जिंग प्वाइंट्स का लगभग 30 फीसदी हैं।

4600 चार्जिंग प्वाइंट्स की स्थिति

– 425 चार्जिंग प्वाइंट्स को दिल्ली सरकार ने स्थापित किया है।

– 1580 चार्जिंग प्वाइंट्स को दिल्ली सरकार की एकल-विंडो योजना के तहत निजी व्यक्तियों और आरडब्ल्यूए द्वारा स्थापित किया गया है।

– 2595 चार्जिंग प्वाइंट्स उद्यमियों और आवासीय इमारतों द्वारा स्थापित किए गए हैं।

पीपीपी मॉडल के तहत स्थापित किए जा रहे 100 चार्जिंग स्टेशन

दिल्ली न केवल चार्जिंग स्टेशनों की संख्या के मामले में बल्कि केंद्रीय विद्युत एजेंसी (सीईए) के अनुसार चार्जिंग स्टेशनों के माध्यम से ऊर्जा उपभोग में भी अग्रणी राज्य है। ईवी को चार्ज करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 2022 में चार्जिंग स्टेशनों द्वारा उपभोग की गई ऊर्जा में से 55 फीसदी ऊर्जा की खपत दिल्ली में हुई थी। डीटीएल द्वारा पीपीपी मॉडल के तहत कुल 100 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। सीएम ने पिछले वर्ष अक्टूबर में 11 ऐसे चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया था। जबकि मंगलवार को 42 चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया गया। इस प्रकार अब दिल्ली में पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 53 हो गई है।

इन 53 लोकेशन पर है पब्लिक चार्जिंग स्टेशन

3.3 केवी की धीमी चार्जिंग पॉइंट की कुल संख्या – 285

7.5 केवी की धीमी चार्जिंग पॉइंट की कुल संख्या – 23

मध्यम गति वाले चार्जिंग पॉइंट (15-22 केवी) – 32

तेज चार्जिंग पॉइंट (झ22 केवी) – 23

बैटरी स्वैपिंग सुविधा- 62

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों का चार्जिंग शुल्क देश भर में सबसे कम

इन 53 चार्जिंग स्टेशनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कोई भी इन चार्जिंग पॉइंट पर अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को लगभग रुपये 3 रुपए प्रति यूनिट की दर से चार्ज कर सकता है, जो कि न केवल भारत में बल्कि शायद दुनिया में सबसे सस्ता है। इस चार्जिंग की दर से दो पहिया वाहनों का खर्च 7 पैसे प्रति किमी आता है, लेकिन पेट्रोल स्कूटर में प्रति किमी 1.75 रुपये खर्च होते हैं। तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन में 9 पैसे प्रति किमी और सीएनजी तिपहिया वाहन पर यह 2.62 रुपये खर्च होता है। इसके अलावा चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन का 36 पैसे प्रति किमी और पेट्रोल चार पहिया का खर्च 7 रुपये प्रति किमी होता है।

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