युवा पीढ़ी को महर्षि दयानन्द की विचारधारा से प्रेरित किया जाएगा-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य
जींद सोमवार 3 अप्रैल 2023 केन्द्रीय आर्य युवक परिषद हरियाणा के तत्वावधान में महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200 वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में “हरियाणा प्रान्तीय आर्य सम्मेलन” मोती लाल नेहरू स्कूल अर्बन एस्टेट जींद में सोल्लास संपन्न हुआ।हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से आर्य प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
समारोह के मुख्य अतिथि
EROS TIMES: केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200 वीं जयन्ती पर परिषद् देश भर में युवाओं को स्वामी जी की विचारधारा से जोड़ने के लिए अभियान चलायेगी।आगामी ग्रीष्मावकाश में अनेकों युवा चरित्र निर्माण शिविर लगाए जाएगे।महर्षि दयानन्द महान क्रांतिकारी थे उन्होंने वैचारिक क्रांति का शंखनाद किया और लोगों की सोचने की दिशा ही बदल डाली।उन्होंने तर्क की कसौटी पर हर चीज को कसा।उनसे प्रेरणा लेकर हज़ारों नौजवान आजादी की लड़ाई में कूद पड़े।आज उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

उन्होंने महर्षि दयानन्द का सन्देश आम जन तक पहुचाने का आह्वान किया।
विधायक कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि आधुनिक युग की महान विभूति महर्षि दयानंद द्वारा स्थापित आर्य समाज का योगदान देश की आजादी में सर्वाधिक था उन्होंने भारतवर्ष की धार्मिक,सामाजिक और राष्ट्रीय बुराइयों को दूर करने के लिए जो अजेय शक्ति के प्रभाव से सुधारात्मक कार्य किए उनको मानव जाति एक चिरस्मरणीय रखेगी।

जिला अध्यक्ष श्री कृष्ण दहिया ने कहा कि महर्षि दयानंद ने जो कुछ जाना था या सुना था उसको सत्य की कसौटी पर परखा इसलिए उनका ज्ञान उच्च कोटि का तथा परमोप्रभाव उत्पादक बन सका। हमने ऐसे महापुरुषों के जीवन से बहुत कुछ सीखना चाहिए।
सोनीपत से राजीव जैन पूर्व मीडिया प्रभारी मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार ने कहा ऐसे महापुरुषों के जीवन से हमें बहुत कुछ सीखना चाहिए उन्होंने समाज को गुरुकुल वैदिक शिक्षा पद्धति दी जो हमारी भारतीय संस्कृति के लिए अति आवश्यक है मैं ऐसे महापुरुष को प्रणाम करता हूं और मैं निरंतर सत्यार्थ प्रकाश भी पढ़ता हूं।

प्रांतीय अध्यक्ष स्वतंत्र कुकरेजा ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया।
बहादुरगढ़ के जिला अध्यक्ष हरिओम दलाल ने कहा की आर्य समाज के लिए मैं सर्वदा तत्पर रहता हूं I
सरदार गुरविंदर सिंह संधू (प्रधान बाजरा खाप पंचायत जींद) ने ध्वजारोहण करते हुए ओम के गुणगान की व्याख्या की।

आर्य केन्द्रीय सभा करनाल के प्रधान आनंद सिंह आर्य ने कहा कि युवा ही देश की संस्कृति और व्यवहार मैं बदलाव ला सकते हैं आज पाश्चात्य संस्कृति का बढ़ावा निरंतर हो रहा है हमको इससे बचना चाहिए और सामान्य जीवन निर्वहन करना चाहिए।
पतंजलि से ईश् आर्य हिसार
ने बताया की योग की देन भी महर्षि दयानंद सरस्वती की है उन्होंने योगसूत्र से अपने जीवन को उज्जवल बनाकर समाज को मार्गदर्शन किया।
प्रमुख रूप से सूर्य देव आर्य विद्या सागर शास्त्री योगेन्द्र शास्त्री वीरेंद्र आर्य सीताराम आर्य डॉ. सौरभ आर्य यमुनानगर वीरेंद्र योगाचार्यअशोक शास्त्री सुब सिंह आर्य स्वामी सच्चिदानंद स्वामी रामवेश, स्वामी धर्म अजय आर्य रामकुमार आर्य अरुण आर्य पिंकी आर्यअशोक जांगिड़,नसीब सिंह आर्य महेन्द्रगढ़ आदि उपस्थित थे।






