नई दिल्ली:EROS TIMES: जून, 2019 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्षा शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की सरकार दिल्ली की आम जनता पर अप्रत्यक्ष रुप से बिजली के बिलों में फिक्स चार्जेस और पेन्शन फंड के नाम पर अनावश्यक खर्चे का बोझ डालकर दिल्ली की बिजली वितरण कम्पनियों के माध्यम से खुली लूट कर रही है।
पहले तो दिल्ली सरकार ने आम नागरिकां और किरायेदारों की सहूलियत के नाम पर दिल्ली में लाखों बिजली के नए मीटर लगवाकर वाहवाही लूटने का ड्रामा किया और फिर बिजली के मीटरों पर फिक्स चार्जेस जो मामूली दर से हुआ करते थे उनपर बेतहाशा वृद्धि करके दिल्ली की जनता की खून पसीने की कमाई के हजारों करोड़ रुपये जमा कर, बिजली कम्पनियों को फायदा पहुचाते हुए केजरीवाल सरकार ने दिल्ली वासियों के विश्वास के साथ धोखा किया।
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के अलावा कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसूफ और राजेश लिलौठिया, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मंगतरात सिंघल, रमाकांत गोस्वामी व डा0 किरण वालिया, प्रदेश प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार कोचर और विजय मोहन मुख्य रुप से मौजूद थे।
दिल्ली सरकार के पूर्व बिजली मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसूफ ने इस विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि पिछले डेढ वर्ष में बिजली कम्पनियों ने दिल्ली वासियों से फिक्स चार्ज के नाम 7401 करोड़ रुपये वसूले है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक BYPL ने फिक्स चार्ज के नाम पर1139 करोड़ रुपये, BRPL ने 2096 करोड़ रुपये और TPDDL ने 1474 करोड़ रुपये दिल्ली वासियों से वसूले।
अगर इसी प्रतिशत दर से इसमें 31 जुलाई तक का हिसाब जोड़ा जाए जो 1569 करोड़ रुपये बनता है तो फिक्स चार्ज के रुप में कुल राशि 6278 करोड़ रुपये बनती है और फिर इसके उपर 16.3 प्रतिशत की दर से पेन्शन फंड के नाम पर1023 करोड़ रुपये दिल्ली वासियों की जेब से वसूले जाऐंगे।
कुल मिलाकर 7401 करोड़ रुपये दिल्ली वासियों से अनावश्यक रुप से वसूले जा रहे हैं। हमारा सवाल है कि आम जनता की भलाई के का दावा करने वाली केजरीवाल सरकार क्या इसी प्रकार की अप्रत्यक्ष रुप से लूट मचा कर दिल्ली वासियों की भलाई का ढ़ोंग कब तक करती रहेगी।
हमारी यह मांग है कि इस नाजायज वसूली के एवज में दिल्ली सरकार दिल्ली वासियों को अगले 6 महीनों तक बिजली के बिल न भेजे जाऐं, जब तक यह रकम दिल्ली वासियों को वापस न मिल जाऐं।
हारुन यूसूफ ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री केजरीवाल की तरह केवल इल्जाम नही लगा रहे हैं बल्कि यह सारा ब्यौरा डीईआरसी की वेबसाईट पर मौजूद है, जिसके आधार पर कांग्रेस दिल्ली वासियों के हित में यह मांग कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलौठिया ने कहा कि बिजली मामले पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के नेतृत्व में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से मिलेगा और आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने दिल्ली वासियों को राहत देने के लिए यदि हमारी मांग पर शीघ्र कोई आवश्यक कार्यवाही नही करी तो बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस पार्टी दिल्ली के उपभोक्ताओं के हकों की रक्षा के लिए जनांदोलन करेगी।






