प्रगति मैदान में चल रहे 23वें ईवी एक्सपो के अंतिम दिन इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन फाइनेंस से जुड़े कई अहम चेहरे मौजूद रहे। इन्हीं में एक नाम रहा धीरज अग्रवाल का, जो इस समय मुफिन ग्रीन फाइनेंस लिमिटेड में मुख्य व्यवसाय अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और उन्हें आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।
ईवी सेक्टर में सबसे बड़ी चुनौती फाइनेंस को लेकर रही है। खासकर दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आसान और भरोसेमंद कर्ज मिलना लंबे समय तक मुश्किल रहा। इस समस्या को समझते हुए धीरज अग्रवाल ने ऐसे फाइनेंस मॉडल तैयार किए, जिनसे छोटे कारोबारियों, ड्राइवरों और उद्यमियों को आसानी से ईवी खरीदने के लिए लोन मिल सके। उनका फोकस ऐसे जोखिम-संतुलित और व्यावहारिक मॉडल पर रहा, जो ग्राहक और कंपनी दोनों के लिए सुरक्षित हों।
धीरज के नेतृत्व में मुफिन ग्रीन फाइनेंस ने बीते कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार किया है। आज कंपनी 15 से ज्यादा राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहन फाइनेंस के क्षेत्र में सक्रिय है। इस दौरान लगभग 450 करोड़ रुपये का ईवी-केंद्रित पोर्टफोलियो तैयार किया गया है, जो कंपनी के मजबूत ग्राउंड नेटवर्क और सही रणनीति को दर्शाता है। इसके साथ ही मुफिन ग्रीन फाइनेंस ने 28 से अधिक ईवी डीलरों और चैनल पार्टनर्स के साथ मिलकर एक भरोसेमंद नेटवर्क भी खड़ा किया है, जिससे ग्राहकों तक फाइनेंस की सुविधा आसानी से पहुंच रही है।
ईवी फाइनेंस के साथ-साथ कंपनी बैटरी फाइनेंस, परिसंपत्ति निगरानी और वाहनों के जीवनचक्र को ध्यान में रखते हुए नए प्रयोग भी कर रही है। इसका मकसद सिर्फ लोन देना नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को लंबे समय तक टिकाऊ और किफायती बनाना है।
धीरज अग्रवाल का मानना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है। यह रोजगार के नए अवसर पैदा करती है, छोटे कारोबारियों को आगे बढ़ने का मौका देती है और भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत बनाती है। उनके मुताबिक, जिम्मेदार कर्ज और सुरक्षित फाइनेंस के बिना ईवी क्रांति को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
23वें ईवी एक्सपो के मंच से भी यही संदेश उभरकर सामने आया कि ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य उज्ज्वल है। धीरज अग्रवाल जैसे प्रोफेशनल्स के प्रयासों से भारत तेजी से स्वच्छ परिवहन और ग्रीन एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ रहा है।






