केन्द्र व दिल्ली सरकार द्वारा उजाड़े गए झुग्गीवासी वालो की न्याय की लड़ाई में दिल्ली कांग्रेस पूरा समर्थन देगी
दिल्ली में ग्रेप–3 लागू होने के तहत निर्माण व तोड़फोड़ पर लगी पांबदी के बावजूद सरकारी वकील द्वारा कोर्ट में तोड़फोड़ की विशेष अनुमति के तहत सुंदर नगर नर्सरी की झुग्गियां तोडकर गरीब लोगों को बेघर किया।
Eros Times: नई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविन्दर सिंह लवली ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दिल्ली में किसी भी झुग्गी झोपडी को उजाड़ा जाना न तो कानून संवत है और न ही सरकार की नीति से मेल खाता है। सरकार की यह कार्यवाही नियमों के खिलाफ है। लवली ने आज सुंदर नगर नर्सरी, डीपीएस के पास मथुरा रोड़ स्थित निजामुद्दीन पर बनी 250 झुग्गियां को उजाड़े गए स्थान का दौरा किया, जहां लवली बेघर लोगों से मिले। ज्ञातव्य है कि कांग्रेस शासन काल में एक नीति बनाई गई थी कि यदि किसी भी झुग्गी झोपडी बस्ती को किसी प्रोजेकट की योजना के तहत हटाया जाएगा तो उन्हें उजाड़ने से पहले वैकल्पिक स्थान दिया जाऐगा। सरकार ने यह तोड़फोड़ करके उस नियम का पूरे तरीके जानबूझकर उलंघन करके दमघोट प्रदूषण और कड़कती ठंड में इन लोगों को मरने के लिए छोड दिया है।
लवली ने मांग की है कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सरकार इन झुग्गीवालों के रहने की व्यवस्था की करे और और बिजली पानी सहित खाने आदि की व्यवस्था भी करे। यदि ऐसा नही होता है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।

अरविन्दर सिंह लवली के साथ पूर्व मेयर फरहाद सूरी, निगम के पूर्व नेता जितेन्द्र कुमार कोचर, देवेन्द्र सूद, पूर्व निगम पार्षद दर्शना जाटव, हिदायतुल्लाह, विजय कुमार और सैयद कासिफ निजामी आदि वरिष्ठ नेताओं के साथ झुग्गी स्थ्ल का दौरा किया। प्रदेश अध्यक्ष ने उजाड़े गए झुग्गीवालों को पूर्ण समर्थन देने का वादा किया और कहा कि सरकार के वकील ने अदालत में मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और GRAP- 3 लागू होने के बावजूद कोर्ट में सरकारी वकील द्वारा तोड़फोड़ की विशेष अनुमति के तहत इन गरीब लोगों को ठंड के मौसम में छत छीन ली गई और परीक्षा की तैयारी कर रहे उनके बच्चों की पढ़ाई की भी परवाह नही करते हुए तोड़फोड़ का अभियान चलाया गया। दोनो सरकारों की गरीबां के प्रति असंवेदनशीलता इसी बात से दर्शाती है कि कोर्ट को यह बात भी बताना मुनासिब नही समझा कि दिल्ली आश्रय सुधार बोर्ड डूसिब बस्तियों बिना वैकल्पिक आवास दिए उजाड़ा नही जा सकता, यदि कोर्ट को पहले बताया होता तो इन्हें बचाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि यहां मंदिर और टॉम्ब तक को ढहा दिया गया जिससे लोगों की धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुॅची है।
लवली ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सुंदर नर्सरी के झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत डीपीएस और मॉडर्न स्कूल जैसे प्रतिष्ठित स्कूलों में दाखिला दिलाया था, ताकि उनका भविष्य सुनिश्चित हो सके परंतु दिल्ली सरकार की असंवेदनशील कार्रवाई ने उनके लिए भविष्य में मुसीबत खड़ी कर दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी उन्हें असहाय नहीं छोड़ेगी बल्कि कानूनी लड़ाई में उनकी मदद करने के साथ-साथ यह मामला उपराज्यपाल के समक्ष भी उठाएगी। उन्होंने कहा कि जेजे क्लस्टर 20-25 वर्षों से अस्तित्व में हैं और यहां के निवासियों के पास मतदाता पहचान पत्र भी है। उन्होंने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि दिल्ली सरकार ने फ्लैट देने के नाम पर सर्वे करने के बाद जेजे क्लस्टर को ध्वस्त कर दिया।
लवली ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने राजीव रत्न आवास योजना के तहत 45000 फ्लेट बनवाए थे जिनको वर्तमान सरकार आवंटित करने में पूरी तरह नाकाम रही, जिनमें अधिकतर फ्लेट आज जर्जर पड़े है। अगर यह फ्लेट इन गरीब लोगों को आवंटित किए गए होते तो यह गरीब लोग बेघर नही होते। बिना वैकल्पिक आवास दिए उजाड़ना सरकार की नाकामी को दर्शाता है। अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि यदि केन्द्र व दिल्ली सरकार ने जुबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की बजाय अपना 5 प्रतिशत समय भी लोगों के कल्याण के लिए समर्पित किया होता, तो ये गरीब लोग बेघर नही होते और सरकार पर तोड़फोड़ के खर्च बोझ नही पड़ता।






