प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में दिल्ली सरकार द्वारा कृर्षि भूमि के सर्कल रेट बढ़ाने में असमानता को संशोधन करके एक समान करने की मांग हेतू दिल्ली कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के उपराज्यपाल से मिला।
Eros Times: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के उपराज्यपाल से राज निवास में मिलकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें यह मांग की गई कि दिल्ली सरकार द्वारा कृषि भूमि अधिग्रहण के सर्कल रेट की दरें लागू करने की असमानता को खत्म करके एक समान तय की जाऐं और कम से कम 6 करोड़ प्रति एकड़ सर्कल रेट होना चाहिए। इससे पूर्व दिल्ली में 7 बार सर्कल रेट बढ़ाए गए है जो पूरी दिल्ली में एक समान तय किए गए है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने पहली बार अलग-अलग क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की दरें असमान तय की है जिसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए। ज्ञापन की कॉपी संलग्न है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को उपराज्यपाल श्री वी.के. सक्सेना आश्वासन दिया कि इस संबध में मुझे भी जानकारियां प्राप्त हो रही है, कृषि भूमि अधिग्रहण दरें तय करने के पीछे भ्रष्टाचार होने की आशंका की जांच के मामले संवेदनशीलता से लिया जाऐगा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के अलावा अ0भा0क0कमेटी के उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी एवं पूर्व विधायक देवेन्द्र यादव, कम्युनिकेशन विभाग के चैयरमेन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज एवं पूर्व विधायक विजय लोचव मुख्य रुप से शामिल थे।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार का कृषि भूमि के नए सर्किल रेट में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिल्लीवालों के खिलाफ है। क्योंकि प्रस्तावित कृषि भूमि का सर्कल रेट विभिन्न जिलों में अलग-अलग रखे गए है, जिसके कारण दिल्ली के किसानों में भारी असंतोष है। कृषि भूमि का सर्कल रेट एक समान होना चाहिए, क्योंकि इससे पूर्व भी सर्कल रेट एक समान थे। परंतु दिल्ली सरकार ने भू-माफिया और एक विशेष वर्ग को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से हरित क्षेत्र के गांव, शहरीकृत गांव और ग्रामीण गांव की श्रेणी में बांटकर कृषि भूमि के सर्कल रेट की दरें बढ़ाई हैं।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि जहां केन्द्र की भाजपा किसानों को बांटने का काम रही है वहीं आप पार्टी की दिल्ली सरकार ने किसानों के हितों से जुड़े मुद्दे कृषि भूमि सर्कल रेट बढ़ाने की नीति राजनीति स्वार्थ साधकर तय की गई है। उन्होंने कहा कि जहां नई दिल्ली जिला में 5 करोड़ प्रति एकड़ वहीं पूर्वी जिला में 2.25 करोड़ प्रति एकड़ तय करने की प्रस्तावना है। यह पहली बार हुआ है जबकि सर्कल रेट में इतना अधिक अंतर है। उत्तरी व पश्चिमी दिल्ली में प्रति एकड़ 3 करोड़ रुपये, दक्षिण पूर्व दिल्ली में 2.25 करोड़ प्रति एकड़ रखा तय किया गया है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि इससे पूर्व 7 बार दिल्ली में कृषि भूमि के सर्कल रेट बढ़ा जिसे एक समान रखा गया। 1990 में 4.65 लाख प्रति एकड़, 1997 में 10 लाख प्रति एकड़, 1998 में शीला दीक्षित सरकार ने 11.20 लाख प्रति एकड़, 2001 में 15.70 लाख प्रति एकड़, 2005 में 17.58 लाख प्रति एकड़ और 2007 में 53 लाख प्रति एकड़ पूरी दिल्ली में एक समान सर्कल रेट तय किया गया था।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने प्रस्तावित कृषि भूमि के सर्कल रेट को 7 जिलो में अलग-अलग असमान सर्कल रेट में रखा गया है, जबकि सर्कल रेट एक समान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि पूरी दिल्ली में कृषि भूमि पर सर्कल रेट 6 करोड़ रुपये प्रति एकड़ एक समान होना चाहिए, क्योंकि दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्र में दूसरे राज्यों में दिल्ली से अधिक सर्कल रेट है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि सर्कल रेट विभिन्न जिलों में अलग-अलग रखने के पीछे उनके द्वारा कुछ विशेष वर्ग और सत्तासीन पार्टी के लोगों को फायदा पहुॅचाने के लिए बढ़ाऐ गए है, जिसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। यह पहला मौका नही है जब आप पार्टी की दिल्ली सरकार ने कोई पॉलिसी बनाई हो जिसमें भ्रष्टाचार न हुआ है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल महोदय को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पर संज्ञान लेते हुए इसमें होने वाले भ्रष्टाचार की जांच प्राथमिकता से करानी चाहिए, जिसकी हम पूरजोर मांग करते है।






