नई दिल्ली; दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय माकन ने एक स्वयं सेवी संस्था ज्वाला ब्रिगेड (एक आग) द्वारा नोटबंदी पर कंस्टीट्यूशन क्लब रफी मार्ग नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ही एक ऐसी राजनीतिक पार्टी है जिसने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीरता से कार्य किया है तथा उनको राजनीतिक शक्ति देने का भी काम किया है।
आज के कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय माकन व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासिचव दिल्ली प्रभारी श्री पी.सी. चाको के अलावा पूर्व सांसद श्री रमेश कुमार, ज्वाला ब्रिगेड की अध्यक्षा श्रीमती आभा चौधरी, निगम पार्षद माया देवी, उषा गुप्ता, देवराज अरोड़ा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मौ0 उस्मान व हरी किशन जिंदल के अलावा ज्वाला ब्रिगेड की कार्यकारिणी सदस्य एवं शकुर बस्ती विधानसभा प्रतिष्ठित नेता भी मौजूद थे।
श्री अजय माकन ने कहा कि महिला शक्ति का प्रतीक है व शक्ति के रुप में जानी जाती है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर गंभीरता दिखाई है, जिस समय देश की बागडोर श्रीमती इंदिरा गांधी ने संभाली थी उस समय कांग्रेस पार्टी ने एक सशक्त महिला को देश का नेतृत्व देकर महिलाओं को गौरान्वित किया था। श्री माकन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी ने महिलाओं को पंचायत व निगमों में एक तिहाई प्रतिनिधित्व कानूनी रुप से निश्चित किया था। कांग्रेस पार्टी ने अपने यूपीए के कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण का बेजोड़ उदाहरण दिया था। एक तरफ तो यूपीए की चैयरपरसन श्रीमती सोनिया गांधी थी, देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल व लोकसभा की पहली महिला स्पीकर श्रीमती मीरा कुमार थी।
श्री माकन ने कहा कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं को हुआ था कि क्योंकि भारतीय परिपेक्ष में महिलाओं को थोड़ा-थोड़ा धन जोड़ने की प्रवृति होती है क्योंकि यदि परिवार पर अचानक कोई आर्थिक जरुरत आ पढती है तो उसको पूरा करने में महिलाऐं ही सबसे आगे रहती है।
श्री माकन ने कहा कि एक तरफ तो कांग्रेस पार्टी है जिसने महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य किया है दूसरी ओर आम आदमी पार्टी है जिसने दिल्ली की सत्ता प्राप्त करने पश्चात ही महिलाओं के लिए चलाए जा रहे आवाज उठाओ कार्यक्रम तक को बंद कर दिया तथा महिला हैल्पलाईन, जो कि महिलाओं की समस्याओं के निवारण के लिए चलाई गई थी उसको भी बंद कर दिया।
श्री पी.सी. चाको ने कहा कि केजरीवाल की आप पार्टी की सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार दोनो आए दिन आपस में लड़ते झगड़ते रहते है और दिल्ली में कानून व्यवस्था इतनी बुरी तरह से चरमरा गई है कि हम आए दिन महिला उत्पीड़न व अत्याचार की खबरे मिल रही है। उन्होंने कहा कि मोदी के द्वारा लिया गया नोटबंदी का फैसला एक तुगलकी फरमान था जिसको लागू करने से पहले श्री नरेन्द्र मोदी ने किसी आर्थिक मामलों के सलाहकारों से सलाह नही ली थी बल्कि इस फैसले की जानकारी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को पहले से ही थी।
आभा चौधरी ने कहा कि ज्वाला ब्रिगेड (एक आग) स्वयं सेवी संस्था है जो महिला सशक्तिकरण व उनकी आवाज को उठाने का कार्य कर रही है। नोटबंदी पर बोलते हुए आभा चौधरी ने कहा कि मोदी को यह भी नही पता कि परिवार कैसे चलाया जाता है। उन्होंने नोटबंदी का फैसला लागू करने से पहले यह विचार नही किया था कि इससे महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा क्येंकि घर को चलाने का मुख्य दायित्व महिलाओं का होता है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के समय घर की महिलाओं को बैंक व एटीएम के लम्बी-2 लाईनों में अपना ही पैसा निकालने के लिए खड़ा होना पड़ा था।






