हम टीचर्स का सम्मान करते हैं, मुझे नहीं लगता है कि एमसीडी में आजतक प्रिंसिपल को इतनी वैल्यू मिली होगी
पहले एमसीडी की प्राथमिकताओं में स्कूल सबसे नीचे आता था, इसलिए स्कूलों का बहुत बुरा हाल था
अगर आईआईएमए से प्रोफेसर बुलाकर ट्रेनिंग दिलाते तो वो हासिल नहीं कर पाते, जो वहां जाकर हासिल किए हैं
एमसीडी स्कूलों में कई समस्याएं हैं, इन्हें दूर कर हम दिल्ली सरकार के स्कूलों की तरह शानदार बनाएंगे
एमसीडी स्कूलों में तमाम समस्याओं के रहते हुए भी आप सभी को बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी है
Eros Times: जब तक देश के अंदर एक-एक बच्चे को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता पूरी दुनिया में जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने पहले अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी अगर हमने अपने सारे बच्चों को ठीक से पढा दिया, तो एक पीढ़ी के अंदर हम देश से गरीबी दूर कर सकते हैं अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पहली बार एमसीडी स्कूलों के प्रिंसिपल-शिक्षकों को ट्रेनिंग के आईआईएमए भेजा गया हम सभी मिलकर एमसीडी स्कूलों में बदलाव ला सकते हैं और इन्हें भी नंबर-1 बना सकते हैं प्रिंसिपल्स ने सीएम केजरीवाल का किया थैक्स, कहा कि हमें आईआईएमए जाकर बहुत कुछ सीखने को मिला, अपने स्कूल में करेंगे प्रयोग आईआईएम अहमदाबाद से पांच दिवसीय ट्रेनिंग लेकर लौटे एमसीडी स्कूलों के प्रिंसिपल ने बुधवार को सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा किया। प्रिंसिपल्स ने ट्रेनिंग पर भेजने के लिए सीएम अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद किया और कहा कि हमें वहां जाकर बहुत कुछ सीखने को मिला। हमने जो सीखा है, उसे अपने स्कूलों में प्रयोग करेंगे। वहीं, सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है और हम टीचर्स का सम्मान करते हैं। मुझे नहीं लगता है कि एमसीडी में आजतक प्रिंसिपल को इतनी वैल्यू मिली होगी। क्योंकि पहले एमसीडी की प्राथमिकताओं में स्कूल सबसे नीचे आता था। उन्होंने कहा कि एमसीडी स्कूलों में कई समस्याएं हैं, इन्हें दूर कर हम दिल्ली सरकार के स्कूलों की तरह शानदार बनाएंगे। इन तमाम समस्याओं के रहते हुए भी आप सभी को बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी है। इस दौरान शिक्षा मंत्री आतिशी और एमसीडी मेयर डॉ. शैली ओबरॉय भी मौजूद रहीं।

आईआईएमए से लौटे एमसीडी के प्रिंसिपल्स को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप सभी के उत्साह को देखकर मुझे यकीन हो गया है कि आपका आईआईएम अहमदाबाद जाना सफल रहा। आपके अनुभवों को सुनकर भी बहुत अच्छा लगा। दिल्ली सरकार के स्कूलों के प्रिंसिपल यूके और कैब्रिज भी जा चुके हैं। पिछले दिनों दिल्ली सरकार में यह बात उठी थी कि हम टीचर्स और प्रिंसिपल को ट्रेनिंग दिलाने में इतना पैसा क्यों खर्च कर रहे हैं? ऐसा करते हैं कि आईआईएम से प्रोफेसर्स को बुला लेते हैं और एक-एक प्रोफेसर को स्कूलों में भेज देते हैं और वो टीचर्स को प्रशिक्षित कर देंगे। मुझे नहीं लगता है कि प्रोफेसरों को बुलाकर वो हासिल हो पाता, जो आज प्रिंसिपल हासिल करके आए हैं। प्रिंसिपल वहां के वातावरण को देखे, क्लास रूम में गए और पांच दिनों तक एक साथ रहे। अगर हम वहां से एक प्रोफेसर बुला लेते तो ये अनुभव नहीं मिलते।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप लोगों को जो अनुभूति हुई है, वो महत्वपूर्ण है। हमने टीचर्स को ये अहसास कराया है कि पूरे सिस्टम के अंदर हम आपका सम्मान करते हैं। हमारे लिए आपकी एक वैल्यू है। मुझे नहीं लगता है कि एमसीडी के अंदर प्रिंसिपल को आजतक ये वैल्यू मिली हो। पहले एमसीडी की प्राथमिकताओं में स्कूल सबसे नीचे आता था। इसी तरह जब हमने दिल्ली सरकार को संभाला था, तब यहां भी शिक्षा को सबसे कम प्राथमिकता दी जाती थी। मैं पहले एक एनजीओ के जरिए झुग्गियों में काम करता था। उस दौरान में एमसीडी और दिल्ली सरकार के स्कूल देखे हैं। तब ये स्कूल बहुत बुरे हालात में होते थे। शिक्षक जिन हालातों के अंदर काम कर रहे थे, उन हालातों में बहुत कुछ नहीं किया जा सकता। एक आदमी चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने आईआईएम अहमदाबाद भेज कर आपको ये महसूस करा दिया कि शिक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने इंजीनियर या किसी और आईआईएम अहमदाबाद नहीं भेजा, बल्कि शिक्षकों को भेजा। हमारी विचारधारा ये है कि जब तक इस देश के अंदर एक-एक बच्चे को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता। पूरी दुनिया में कोई भी ऐसा विकसित देश नहीं है, जो विकसित हुआ हो और वहां के बच्चे पढ़े-लिखे न हों। वो इसलिए विकसित देश बने, क्योंकि वहां के बच्चे पढ़े-लिखे हैं। पहले उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी। मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण है। अगर हमने अपने सारे बच्चों को ठीक से पढा दिया, तो एक पीढ़ी के अंदर हम इस देश से गरीबी दूर कर सकते हैं और अपने देश को नंबर-1 बना सकते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चार बड़े-बड़े फ्लाईओवर, चार बड़े-बडे स्टेडियम या चार बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बना लेने से देश विकसित नहीं होगा। देश तभी आगे बढ़ेगा, जब एक-एक बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलेगी। इसलिए हम शिक्षा को पहली प्राथमिकता देते हैं। सीएम ने कहा कि आप सभी से बात करने से निकला है कि समस्या का समाधान अपने अंदर ही है। दूसरा ये कि जो भी अवसर हमें मिला है, उन्हीं के आधार पर जो समाधान निकले, वो हमें करना है। आम आदमी पार्टी के सभी लोग बहुत ही मामूली पृष्ठभूमि से आए हैं। उपर वाले की कृपा और जनता के आशीर्वाद से हमें इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।

सीएम ने कहा कि हमारे सामने तमाम समस्याएं हैं। केंद्र सरकार तंग करती है, काम नहीं करने देती हैं। लेकिन इन समस्याओं के बावजूद हम शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए भेज ही सकते हैं। इन तमाम समस्याओं के बावजूद हम जितना काम कर सकते हैं, वो कर रहे हैं। इसी तरह आप प्रिंसिपल भी हैं। एक प्रिंसिपल के पास 4-5 हजार बच्चों को देख रहा है। मैं समझ सकता हूं कि एमसीडी स्कूलों में पीने के पानी, टॉयलेट, सफाई और सिक्युरिटी गार्ड आदि की समस्याएं हैं। इन सारी समस्याओं को दूर करेंगे और सारे स्कूलों को भी ठीक करेंगे। दिल्ली सरकार के स्कूलों की तरह एमसीडी के स्कूल भी बनाएंगे, लेकिन इसमें थोड़ा समय लगेगा। स्कूल ठीक करना आसान है, लेकिन बच्चों को अच्छी पढ़ाई देना बड़ा मुश्किल है। जब हम लोगों ने दिल्ली सरकार संभाला तब शिक्षा का बजट 5 हजार करोड़ रुपए होता था, हम लोगों ने इसे बढ़ाकर 10 हजार करोड़ रुपए कर दिया।
अरविंद केजरीवाल कहा कि एक आम आदमी अपने बच्चे को बिल्डिंग देखकर स्कूल नहीं भेजता है, बल्कि पढ़ाई के लिए भेजता है। अगर पढ़ाई ही नहीं होगी तो अच्छी बिल्डिंग का क्या फायदा है? हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि हम अपने टीचर्स को प्रेरित कैसे करें? टीचर्स में ये प्रेरणा इन ट्रेनिंग सेशन से आई। इसके अलावा भी बहुत सारी चीजें की गई। एमसीडी स्कूलों में सौ तरह की समस्याएं होंगी, लेकिन इन समस्याओं के रहते हुए भी आपको बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी है। क्योंकि वो बच्चे अपने मां-बाप की उम्मीद हैं। पैसे वालों के बच्चे को बड़े होकर बिजनेस संभाल लेंगे। लेकिन अगर आपने इन गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ा दिया तो बहुत बड़ा पुण्य का काम होगा और देश भी तरक्की करेगा। ऐसा करके आप देश सेवा भी करेंगे।
एमसीडी स्कूलों में पढ़ रहे लाखों बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथ में है, इसलिए हम शानदार ट्रेनिंग दे रहे हैं
वहीं, शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि ट्रेनिंग के पश्चात आपका उत्साह और आंखों की चमक इस बात का सबूत है कि आप अपने स्कूलों में बदलाव लाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर सिर्फ़ आईएएस अधिकारियों को ही आईआईएम अहमदाबाद जैसे संस्थानों में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है लेकिन सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ये पहली बार है कि स्कूलों के प्रिंसिपल-शिक्षकों को ट्रेनिंग के आईआईएम अहमदाबाद जैसे संस्थानों में भेजा जा रहा है। क्योंकि शिक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। सरकार द्वारा ये सभी कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं, क्योंकि आप हमारे लिए महत्वपूर्ण है। एमसीडी के स्कूलों में पढ़ रहे लाखों बच्चों का भविष्य आपके हाथों में है। इसलिए हम आपको शानदार ट्रेनिंग दे रहे हैं, क्योंकि आपकी स्किल्स जितनी अच्छों होगी, उतना ही अच्छा बच्चों का भविष्य बनेगा।
शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक किसी भी मायने मे ंप्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों से कम नहीं है। उनमें केवल मोटिवेशन की कमी है। यही कारण है कि हम आपको सीखने के लिए विश्वस्तरीय संस्थानों में भेज रहे हैं, ताकि आप प्रेरित हो सकें और उनसे सीख कर आप अपने स्कूलों को विश्वस्तरीय बना सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में जो बच्चे आते हैं, उन्हें गाइड करने वाला कोई नहीं होता। ऐसे में उन्हें गाइड करना और एक बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने की ज़िम्मेदारी हम सबकी है। हम ख़ुशनसीब हैं कि भगवान ने हमें इतनी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी दी है और मुझे यक़ीन है कि हम सभी साथ मिलकर एमसीडी स्कूलों में ज़रूर बदलाव ला सकते हैं और एमसीडी स्कूलों को भी नंबर1 बना सकते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने जो सपना देखा है, हम उस सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं- डॉ. शैली ओबरॉय
इस अवसर पर एमसीडी की मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने जो सपना देखा है, उस सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। स्कूल का विकास भी आप लोगों पर ही निर्भर करता है। इससे भी बड़ी बात है कि आप बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं। आप लोगों का काम सिर्फ बच्चों को पढ़ाना नहीं है, बल्कि स्कूल को चलाना भी है। मेयर ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने हमें विचार दिया है। अब हमारा काम है कि उस विचार को लागू कर स्कूल में बदलाव कर सकें, क्योंकि एक विचार दुनिया बदल सकता है। दिल्ली एमसीडी के पास हमेशा से सीमित संसाधन रहे हैं। इसके बावजूद इतना काम करना बड़ी बात है। अक्सर बच्चों को मौका नहीं मिल पाता है, जिसके कारण वे कुछ खास नहीं कर पाते हैं। बच्चों के अंदर हमेशा प्रतिभा होती है, लेकिन उन्हें निखारने वाला कोई होना चाहिए।
एमसीडी स्कूलों के प्रिंसिपल्स ने सीएम केजरीवाल से साझा किए अनुभव
वेस्ट जोन से पंजाबी बाग स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि हमें जो मौका मिला है, हम उसके लिए बहुत अभारी हैं। हमने आईआईएम अहमदाबाद जाने के बारे में कभी सोचा नहीं था। हमें आईआईएम से जो ट्रेनिंग मिली है, उसे हम स्कूल जरूर प्रयोग करेंगे। वहां बताया गया कि बच्चों को केवल लेक्चर नहीं देना है, बल्कि गतिविधि आधारित भी पढ़ाना है।
वहीं, करोलबाग स्कूल की प्रिंसिपल ममता ने सीएम का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनको आईआईएम से उर्जा, उत्साह, उमंग और उल्लास चार चीेजें सीखने को मिला। इसके बाद हमने सीखा कि हम क्या हैं और हम क्या कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी सीखने को मिला। हम विश्वास दिलाते हैं कि जो भी सीख कर आए हैं, उसे बच्चों तक पहुंचाएंगे।
एक प्रिंसिपल ने बताया कि आईआईएम जाकर हमने बहुत कुछ सीखा। यह हम लोगों के लिए एक सपने जैसा था, जो सच हुआ। वहां हम लोगों ने एक बच्चे की तरह सब सीखा। हमें अब बच्चों की शिक्षा के लिए लगातार काम करना है।
एक अन्य प्रिंसिपल ने बताया कि वहां जाकर हमें लगा कि हमारी समस्या बहुत छोटी है। उन्होंने बड़े समर्पित भाव से हमें ज्ञान दिया, जो कहीं और नहीं मिल सकता है। एक प्रिंसिपल ने बताया कि पहली बार हवाई जहाज में बैठने का मौका मिला। वहां सीखा कि समस्या हर जगह है और उसका समाधान आपके अंदर है। आपके पास जो भी सुविधाएं हैं, उनका अधिकतम उपयोग कर स्कूल को अच्छा बना सकते हैं।
एमसीडी स्कूलों के प्रिंसिपल्स को 18 से 22 सितंबर तक दी गई ट्रेनिंग
बता दें कि क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत 18 से 22 सितंबर तक एमसीडी स्कूलों के प्रिंसिपल आईआईएम अहमदाबाद में रहकर ट्रेनिंग लिए। आईआईएम अहमदाबाद शीर्ष रैंकिंग वाले वैश्विक संस्थानों में से एक है, जिसका व्यवसाय, प्रबंधन, रणनीति और नीति में परिवर्तन-निर्माता होने का एक लंबा और गौरवपूर्ण इतिहास है।
पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एमसीडी स्कूल के प्रिंसिपलों को कई विषयों के प्रति प्रशिक्षित किया गया। इसमें स्कूलों में नवीन प्रथाओं के लिए नेतृत्व, विद्यालय प्रमुख की भूमिका, स्कूल का अनुशासन, माइंडफुलनेस और आंतरिक स्थिरता, स्वः सीमित विश्वासों का प्रबंधन, एआई और शिक्षा, एल्गोरिथम पूर्वाग्रह, शिक्षा और निष्पक्ष एआई, गेमिफिकेशन के माध्यम से परिवर्तन लाना, घरेलू विशेषज्ञों का विकास करना और सार्वजनिक धारणाओं का प्रबंधन करना शामिल था।
एमसीडी प्राचार्यों की अब तक की ट्रेनिंग-
– आईआईएम अहमदाबाद पहला बैच (48 प्रिंसिपल), जुलाई 2023
– आईआईएम कोझिकोड पहला बैच (47 प्रिंसिपल), अगस्त 2023
– आईआईएम अहमदाबाद दूसरा बैच (48 प्रिंसिपल), सितंबर 2023
– एमसीडी मेंटर शिक्षकों का प्रशिक्षण/एक्सपोज़र दौरा – 5 बैच
– विभिन्न संगठनों में 145 सलाहकारों को प्रशिक्षित किया गया। पालमपुर स्थित आविष्कार विज्ञान, गणित, कला और प्रौद्योगिकी केंद्र का टूर 26-30 जून, 2023 और 12-18 सितंबर, 2023
– येलो ट्रेन स्कूल और ईशा फाउंडेशन की कोयंबटूर टूर 9-15 जुलाई, 2023 को संपन्न हुई। येलो ट्रेन स्कूल आजीवन सीखने के वाल्डोर्फ सिद्धांत पर केंद्रित है। ईशा फाउंडेशन चेतना बढ़ाने और वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
– 16-21 जुलाई 2023 को सह्याद्री स्कूल (कृष्णमूर्ति फाउंडेशन इंडिया) और जनन प्रबोधिनी नवनगर विद्यालय, पूणे की यात्रा संपन्न हुई। सह्याद्री स्कूल समग्र दृष्टिकोण और प्रकृति की सराहना पर केंद्रित है। यह वन विभाग के साथ काम कर रहा है।
– 24 से 29 सितंबर 2023 तक स्कूलस्केप, बैंगलोर का दौरा- यहां अन्वेषा मोंटेसरी हाउस ऑफ चिल्ड्रन जैसे मोंटेसरी स्कूल का दौरा किया गया, जिसमें छात्रों ने उन विषयों और गतिविधियों को चुना जो वे करना चाहते थे।






