नई दिल्ली, 28 सितंबर 2025 – धरमशिला नारायण अस्पताल, वसुंधरा एन्क्लेव में शनिवार को आयोजित हृदय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लोगों को हृदय रोगों से जुड़ी आम गलत धारणाओं से अवगत कराया और निवारक देखभाल को सबसे बेहतर उपाय बताया।
इस कार्यक्रम में मीडिया इंटरैक्शन और सामुदायिक जुड़ाव गतिविधियों के माध्यम से लोगों को शुरुआती जांच, नियमित निगरानी और जीवनशैली में बदलाव की अहमियत समझाई गई।
समग्र देखभाल पर जोर
वरिष्ठ निदेशक और कार्यक्रम प्रमुख – हृदय विज्ञान, डॉ. हेमंत मदन ने कहा, “हृदय स्वास्थ्य केवल रोग के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोकथाम, शुरुआती हस्तक्षेप और आधुनिक उपचार विधियों के संतुलित दृष्टिकोण से ही संभव है।”
उच्च रक्तचाप: ‘साइलेंट किलर’
निदेशक और यूनिट प्रमुख – हृदय विज्ञान, डॉ. प्रदीप नायक ने बताया कि उच्च रक्तचाप को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, लेकिन नियमित निगरानी और जीवनशैली में सुधार से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
दिल का दौरा कभी अचानक नहीं होता
निदेशक और यूनिट प्रमुख – हृदय विज्ञान, डॉ. समीर कुब्बा ने स्पष्ट किया कि दिल का दौरा वास्तव में अचानक नहीं आता। उन्होंने कहा, “यह वर्षों के बदलावों का परिणाम होता है। सीने में बेचैनी, सांस फूलना, थकान जैसे संकेत पहले से मौजूद होते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।”
निवारण ही सुरक्षा
वरिष्ठ परामर्शदाता – हृदय वक्ष संवहनी सर्जरी, डॉ. अमित बठला ने संदेश दिया कि समय पर की गई निवारक जांच भविष्य में गंभीर खतरे से बचा सकती है। “आज कुछ मिनट का निवेश, कल जीवन की गुणवत्ता को दशकों तक सुरक्षित रख सकता है।”
धरमशिला नारायण अस्पताल की यह पहल न केवल स्वास्थ्य शिक्षा को आगे बढ़ाती है बल्कि सामुदायिक भागीदारी के साथ एक स्वस्थ समाज की दिशा में ठोस कदम भी है।






