डिप्लोमा या डिग्री लेना कोई बड़ी बात नही है बड़ी बात है उन दिनों की गयी पढ़ाई को अपने जीवन में ढालना और उस शिक्षा से अपना लक्ष्य हासिल करना फिर चाहे वो कोई भी काम हो। मेहनत करना आपका लक्ष्य ही नही आपका धर्म भी है यह कहना था एशियन एकेडमी ऑफ़ फिल्म एंड टेलीविज़न
93वें दीक्षांत समारोह में आई सुपर्णा हर्ब्स इंडिया की निदेशिका सुपर्णा त्रिखा दिवान का।
इस समारोह में अन्य अतिथियों में फेम इंडिया ग्रुप के सीईओ डॉबी सोंथालिया, कथक नृत्यांगना अनु सिन्हा और हरियाणा फिल्मो के स्टार उत्तर कुमार उपस्थित हुए।
उत्तर कुमार ने कहा की फिल्मे हिंदी, भोजपुरी, हरियाणवी या साउथ की फिल्मे हो सभी फिल्मो में मेहनत और ईमानदारी चाहिए होती है कोई भी फिल्म छोटी या बड़ी नही होती सभी में सामान मेहनत लगती है इसलिए जो भी फिल्मे मिले या जहाँ भी आप काम करो अपना बेस्ट उसमे दो क्योंकि कई बार बड़ी फिल्म फ्लॉप हो जाती है और छोटे बजट की फिल्म सुपरहिट। इस अवसर पर मारवाह स्टूडियो के
निदेशक संदीप मारवाह ने कहा की आज हम सौ से ज्यादा छात्रों को डिप्लोमा प्रदान कर रहे है जिसमे एक्टिंग, एडिटिंग, निर्देशन के छात्र है। मैंने तो जो अपना ज्ञान देना था दे दिया अब इन छात्रों पर निर्भर है
की यह अपने संस्थान और देश का नाम कितना ऊपर ले जाते है।
अनु सिन्हा ने कहा की जिसमे भारतीय संगीत या भारतीय नृत्य सीखा है वो कोई भी डांस परफॉर्म कर सकता है लेकिन विदेशी डांस सीखकर आप कथक या भरतनाट्यम नही कर सकते।
डॉबी सोंथालिया ने कहा की जीवन में असली परीक्षा आपकी डिग्री और डिप्लोमा लेने के बाद होती है और यहाँ के छात्रों का जोश देखकर में कह सकता हु की यहाँ की छात्र जो भी करेंगे कमाल करेंगे।






