नई दिल्ली:EROS TIMES: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने दिल्ली नगर निगम मुख्यालय सिविक सेन्टर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों से मिलकर उनकी मांगों का समर्थन किया
भाजपा नेताओं ने ढकौसला करके सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करने की कोशिश की है जबकि उनकी मांगों को लेकर निगम की सत्ता में आसीन होने पर भी कोई साफ आश्वासन नही दिया है।
अस्थाई कर्मचारियों की नौकरी पक्की करने, उनका एरियर देने, वर्दी, पेन्शन, कैशलेस मेडिकल कार्ड आदि मांगे निगम के सफाई कर्मचारी बड़े लम्बे समय से कर रहे है परंतु भाजपा की निगम सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगों को लगातार अनदेखा कर रही है
7 अप्रैल, 2018- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने दिल्ली नगर निगम मुख्यालय सिविक सेन्टर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों से मिलकर उनकी मांगों का समर्थन किया और कहा कि कांग्रेस पार्टी सफाई कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए भरसक प्रयास करेगी। माकन ने कहा कि भाजपा नेताओं ने ढकौसला करके सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करने की कोशिश की है जबकि उनकी मांगों को लेकर निगम की सत्ता में आसीन होन पर भी कोई साफ आश्वासन नही दिया है।
हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों से मिलने वाले प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन के अलावा अ0भा0क0कमेटी के पूर्व सचिव जय किशन, निगम में कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल,अभिषेक दत्त, पूर्व विधायक वीर सिंह धींगान, चरण सिंह कंडेरा, निगम पार्षद आले मौहम्मद, लालचंद चंदेलिया, राजेन्द्र भजनी, राधेश्याम टांक, टोनी सूद, सतीश टांक व मेंहदी माजिद आदि शामिल थे।
सफाई कर्मचारियों की मांगे नई नही हैं जबकि ये मांगे दशकों पुरानी है। उन्होंने ने कहा कि अस्थाई कर्मचारियों की नौकरी पक्की करने, उनका एरियर देने,वर्दी, पेन्शन, कैशलेस मेडिकल कार्ड आदि मांगे निगम के सफाई कर्मचारी बड़े लम्बे समय से कर रहे है।
निगम ने सफाई कर्मचारियों को यह भी आश्वासन नही दिया कि वे 2017 तक के अस्थाई कर्मचारियों को पक्का करेंगे या नही। सफाई कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु के पश्चात अनुकम्पा के आधार पर नौकरी देने का वायदा भी नही किया।
माकन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भी निगम व दिल्ली की सत्ता में रही है परंतु कांग्रेस के राज में सफाई कर्मचारियों को अपनी मांगों और वेतन के लिए कभी हड़ताल पर नही जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि जो सफाई कर्मचारी दिल्ली को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है उनको आए दिन अपना वेतन लेने के लिए हड़ताल पर जाना पड़ता है।






