ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में पहली बार आयोजित एलुमनी मीट ने विश्वविद्यालय के पुराने छात्रों को एक साझा मंच पर जोड़ने का काम किया। गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी एलुमनी एसोसिएशन (GBUAA) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शामिल हुए। लंबे समय बाद एक-दूसरे से मुलाकात होने पर पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय में बिताए अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं और पुराने साथियों के साथ अनुभवों को ताजा किया।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक और उत्साहपूर्ण रहा। वर्षों बाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र जब अपने पुराने संस्थान में एक साथ पहुंचे तो उनके बीच पुरानी यादों को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए और विश्वविद्यालय में बिताए समय को याद किया।
एलुमनी मीट का आयोजन केवल पूर्व छात्रों के आपसी मिलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालय और उसके पूर्व छात्रों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में भी पहल की गई। कार्यक्रम के जरिए पूर्व छात्रों को एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव और पेशेवर उपलब्धियां साझा करने का अवसर मिला। साथ ही विश्वविद्यालय के विकास में पूर्व छात्रों की भूमिका और उनके योगदान को लेकर भी चर्चा की गई।
कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने किया संबोधित
कार्यक्रम को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान के छात्र आज देश और विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा, मेहनत और अनुभव के दम पर पहचान बना रहे हैं।
कुलपति ने कहा कि पूर्व छात्रों की उपलब्धियां विश्वविद्यालय की पहचान और प्रतिष्ठा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान के लिए उसके पूर्व छात्र उसकी महत्वपूर्ण पूंजी होते हैं। पूर्व छात्र जिस क्षेत्र में काम करते हैं, वहां उनकी सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत करियर को आगे बढ़ाती है, बल्कि उनके संस्थान की पहचान को भी मजबूत करती है।
प्रो. राणा प्रताप सिंह ने पूर्व छात्रों से विश्वविद्यालय के साथ अपने जुड़ाव को लगातार बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र अपने अनुभव, विशेषज्ञता और नेटवर्क के माध्यम से विश्वविद्यालय की प्रगति में योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और नए अवसर उपलब्ध कराने तक एलुमनी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
पूर्व छात्रों ने साझा किए अनुभव
एलुमनी मीट के दौरान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में बिताया छात्र जीवन उनके व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण रहा। पूर्व छात्रों ने अपने साथियों के साथ पुरानी यादों को ताजा किया और विश्वविद्यालय के वर्तमान विकास को भी करीब से देखा।
कई पूर्व छात्रों के लिए यह अवसर लंबे समय बाद अपने पुराने मित्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय से दोबारा जुड़ने का माध्यम बना। बातचीत के दौरान छात्र जीवन से जुड़े किस्से, पुरानी गतिविधियां और विश्वविद्यालय परिसर में बिताए गए यादगार पल चर्चा का हिस्सा रहे।
एसोसिएशन के पदाधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार, महासचिव सुनील शर्मा, उप महासचिव सुश्री गार्गी शर्मा और कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
इसके अलावा विश्वविद्यालय के डॉ. अर्पित भारद्वाज, डॉ. विनय लिटोरिया, डॉ. अरुण सोलंकी, डॉ. बरखा सिंघल, डॉ. सुभोजित बनर्जी और डॉ. राजू पाल सहित विभिन्न डीन एवं प्राध्यापकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। शिक्षकों और पूर्व छात्रों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बनाया।
पूर्व छात्रों को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
GBUAA की ओर से आयोजित इस पहली एलुमनी मीट का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना रहा। एसोसिएशन की ओर से पूर्व छात्रों के बीच संपर्क को मजबूत करने, आपसी सहयोग बढ़ाने और विश्वविद्यालय के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की थीम “Reconnect. Relive. Reunite.” रखी गई थी, जो एलुमनी मीट के उद्देश्य को भी दर्शाती है। इस थीम के माध्यम से पूर्व छात्रों को अपने पुराने साथियों से दोबारा जुड़ने, छात्र जीवन की यादों को फिर से जीने और विश्वविद्यालय के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि पूर्व छात्रों का अनुभव वर्तमान विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे पूर्व छात्र अपने अनुभवों के माध्यम से वर्तमान छात्रों को करियर, रोजगार, उद्योग और पेशेवर जीवन से जुड़ी जानकारी दे सकते हैं। इससे विश्वविद्यालय और उसके विद्यार्थियों के बीच एक मजबूत अकादमिक एवं पेशेवर नेटवर्क तैयार किया जा सकता है।
नई पीढ़ी के लिए सहयोग के अवसर
एलुमनी मीट का एक प्रमुख उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन और सहयोग के नए अवसर तैयार करना भी रहा। पूर्व छात्रों के अनुभव और विशेषज्ञता वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं। इसके साथ ही पूर्व छात्रों के नेटवर्क के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में नए संपर्क और अवसर मिलने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
कुल मिलाकर, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित पहली एलुमनी मीट पुराने छात्रों के मिलन, यादों और अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय और उसके पूर्व छात्रों के बीच भविष्य के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई। “Reconnect. Relive. Reunite.” की थीम के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने पूर्व छात्रों को फिर से एक मंच पर लाने के साथ विश्वविद्यालय के साथ उनके निरंतर जुड़ाव की संभावनाओं को भी मजबूत किया।








