नोएडा। नोएडा लोकमंच द्वारा आयोजित चतुर्थ इन्द्रधनुष अंतरविद्यालय चित्रकला प्रतियोगिता 2025 इस वर्ष कहीं अधिक व्यापक और समावेशी रूप में आयोजित की जा रही है। लगातार तीसरे वर्ष की सफलता के बाद अब इस कला समारोह में 120 से अधिक स्कूलों के लगभग 3000 छात्र-छात्राएँ हिस्सा लेने जा रहे हैं।
इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी ढांचा है। आयोजन दल ने कुल 10 श्रेणियाँ बनाई हैं, जिनमें—निजी स्कूल, सरकारी स्कूल, स्लम क्षेत्र के बच्चे, घरेलू सहायिकाओं के बच्चे, विशेष रूप से सक्षम बच्चे, तथा चित्रकला शिक्षक-शिक्षिकाएँ—सभी को उनके संबंधित समूहों में भाग लेने का अवसर दिया गया है।
30 बच्चों पर एक पुरस्कार का नियम
बच्चों में अधिकतम प्रोत्साहन के उद्देश्य से नोएडा लोकमंच ने यह सुनिश्चित किया है कि हर 30 प्रतिभागियों में कम से कम 1 बच्चे को पुरस्कार अवश्य दिया जाए। इस वर्ष कुल 300 पुरस्कार विभिन्न समूहों और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रदान किए जाएंगे।
समुदाय को जोड़ने का प्रयास
इन्द्रधनुष 2025 को नोएडा प्राधिकरण और कई सामाजिक संगठनों का सहयोग प्राप्त है। उद्देश्य है—
समाज के हर वर्ग के बच्चों को कला के माध्यम से जोड़ना और उनकी रचनात्मक ऊर्जा को मंच देना।
इसी सोच के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, स्लम क्षेत्रों में रह रहे बच्चों, और विशेष रूप से सक्षम विद्यार्थियों को भी प्रतियोगिता में पूरा अवसर दिया जा रहा है।
उपयोगी व आयु-अनुकूल पुरस्कार
प्रतियोगिता के पुरस्कार भी बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चुने गए हैं। विजेताओं को—
स्वेटर, कंबल, पानी की बोतल, ट्रैक सूट, स्कूल बैग, गिफ्ट हैंपर, चित्रकला सामग्री, तथा पठन-पाठन सामग्री—भेंट की जाएगी।
कला, समाज और संवेदनशीलता का अनूठा संगम
नोएडा लोकमंच का यह प्रयास न केवल कला को बढ़ावा देता है, बल्कि एक समावेशी, सहयोगी और संवेदनशील समाज की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
आयोजन टीम का मानना है कि—
“हर बच्चे में प्रतिभा है, आवश्यकता सिर्फ मंच और अवसर की होती है।”






